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करनाल, पुलिस महानिदेशक श्री बी.एस. संधु की प्रेरणा से हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक श्री के.के. संधु के सान्निध्य में महानिरीक्षक यातायात एवं राजमार्ग श्री संजय कुमार के नेतृत्व में संचालित दस दिवसीय यातायात प्रशिक्षण शिविर में आज हर्षवर्धन सभागार हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के निदेशक युवा एवं कल्याण विभाग डॉ. सी.डी.एस. कौशल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि यदि भाषा बेहतर होगी तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ से मौके वारदात पर ही हो जाती है। उन्होंने कहा पुलिसकर्मी की भाषा कौशल सम्पन्न समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि वेद की ऋचाओं से लेकर भगवत गीता तक में हमारे पूर्वजों ने मंत्रों की जो रचना की है वो मानव समाज के लिए भाषा का संस्कार है। उन्होंने कहा आज के युवाओं में तनाव, खीझ, चिड़चिड़ापन यह सब भौतिकवाद की वजह से है। ऐसे में हमारे समय की शिक्षा को भारतीय परम्परा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा आज का भारत वैश्विकरण के दौर का भारत है। ऐसे में भारतीयता की पहचान बनाए रखना हमारे समय के नौजवानों का कर्तव्य है।
मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि पुलिस की समाज में जो छवि है उसे बेहतर बनाने में भाषा और आचरण दोनों का ऐतिहासिक भूमिका है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारतीय पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सम्पन्न होना होगा। उन्होनें कहा पुलिस समाज की ऐसी इकाई है जो समाज के प्रत्येक वर्ग को सुरक्षा का आश्वासन देता है। चाहे वो सडक़ सुरक्षा हो, चाहे सामाजिक सुरक्षा हो या भयमुक्त समाज की स्थापना हो। उन्होंने कहा कि अब पुलिस विभाग में भी समाज के प्रतिभाशाली युवाओं की संख्या बढ़ रही है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्कृतकर्मी राजीव रंजन ने कहा कि पुलिस की बुनियाद वैज्ञानिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्रित करना हो या फिर किसी गुनाहगार से अपराध के कारणों का अनुसंधान हर समय अनुसंधान अधिकारी को बेहतर भाषा और आचरण ही पुलिस को स्मार्ट बनाएगा। उन्होंने कहा चौराहे पर खड़ा सिपाही जिंदगी की सुरक्षा का अहसास है। पर नागरिक धर्म यह भी है कि वो पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सडक़ संसार में फैली आरजकता को नियंत्रित करने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि राज्यभर से आए पुलिसकर्मियों ने जो अनुभव ब्यां किया है वो बहुत सारगर्भित है कि किस प्रकार से अभिभावकों ने नई पीढ़ी को 18 वर्ष से पहले की उम्र में ही महंगे और खतरनाक वाहन प्रदान कर दिए हैं जिसके खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम के आरम्भ में एएसआई धर्मपाल एवं एएसआई आजाद सिंह ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर सम्मान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला न्यायवादी श्री राजेश चौधरी ने कहा पुलिस न्यायिक प्रक्रिया की प्रथम इकाई है। ऐसे में पुलिसकर्मियों के कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हमारे समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने यातायात एवं राजमार्ग पुलिस को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में नागरिक पुलिस सांझेदारी के शिविर भी आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा माननीय न्यायालय ने भी सडक़ सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन सडक़ कानूनों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए।
शिविर में पूरे हरियाणा से 150 से अधिक पुलिसकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। यह शिविर 13 अक्तूबर तक जारी रहेगा। शिविर के आयोजन में मुख्य सिपाही मलिक राज एवं सिपाही सुरजीत ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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