कला और रचनात्मकता के संगम के साथ स्थानीय केवीए डीएवी महिला कॉलेज में एक शानदार फैशन शो का आयोजन किया गया, जहाँ छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और कौशल से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में फैशन डिजाइनिंग और गृह विज्ञान विभाग की छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उन्होंने महीनों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किए गए अपने विशेष संग्रह को प्रदर्शित किया। कॉलेज का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय नजर आया, जहाँ छात्राओं के आत्मविश्वास और कला ने चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में ‘रेनबो’ यानी इंद्रधनुष थीम पर आधारित छात्राओं ने मंच पर दस्तक दी। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी इन छात्राओं का मानना था कि इंद्रधनुष जीवन में खुशी और संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने अपनी वेशभूषा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि जिस तरह इंद्रधनुष में अलग-अलग रंग होते हैं, उसी तरह जीवन में भी दुख और सुख का संतुलन होना आवश्यक है। इन छात्राओं ने बताया कि उनके डिजाइनर अगस्त के महीने से ही इन भारी-भरकम और जटिल गाउन को तैयार करने में जुटे हुए थे।
इसके पश्चात ‘डेनिम’ थीम ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। फैशन डिजाइनिंग विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने डेनिम के साथ प्रयोग करते हुए स्कर्ट, पैंट और राजस्थानी शैली के परिधानों का एक अनूठा मिश्रण पेश किया। बांधनी और डाइनिंग कला के मिश्रण से तैयार इन ड्रेसेस ने आधुनिकता और परंपरा का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। छात्राओं ने साझा किया कि इन परिधानों को तैयार करने में उन्हें लंबा समय लगा और वे इस मंच पर अपनी कला दिखाने के लिए बेहद उत्साहित थीं।
शो का सबसे रोमांचक और डरावना हिस्सा ‘हेलोवीन’ थीम रही। इसमें छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता की सीमाओं को तोड़ते हुए ‘नाइट ऑफ शैडो’, स्केलेटन, और फंकी जोकर जैसे लुक्स अपनाए। विशेष रूप से एक छात्रा द्वारा तैयार किया गया ‘डेड ब्राइड’ यानी मरी हुई दुल्हन का लुक चर्चा का विषय रहा। इस परिधान को तैयार करने वाली छात्रा ने बताया कि उसने खुद इस पर दो महीने तक काम किया है, जिसमें मोतियों के माध्यम से रक्त के धब्बों को दर्शाया गया है। इसके अलावा, एनाबेला डॉल, ड्रैगन और ऑक्टोपस जैसे लुक्स ने भी छात्राओं की कड़ी मेहनत को प्रदर्शित किया।
छात्राओं के अनुसार, इन परिधानों को तैयार करना उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा होने के साथ-साथ उनके लिए एक बड़ा अवसर भी था। कई छात्राओं के लिए यह मंच पर पहला अनुभव था, फिर भी उनके आत्मविश्वास में कहीं कोई कमी नजर नहीं आई। छह-छह महीनों की तैयारी और निरंतर अभ्यास के बाद छात्राओं ने न केवल परिधान तैयार किए, बल्कि उनके अनुरूप मेकअप और एसेसरीज का भी चयन किया।
कॉलेज की इस पहल की सराहना करते हुए शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर आने का मौका मिलता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। फैशन शो के अंत में छात्राओं की मेहनत रंग लाई और दर्शकों ने उनकी इस कलात्मक यात्रा की जमकर प्रशंसा की। यह आयोजन न केवल फैशन का प्रदर्शन था, बल्कि छात्राओं के समर्पण और भविष्य की संभावनाओं का एक सशक्त प्रतिबिंब भी था।