करनाल जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार और प्रशासनिक अनदेखी ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे जख्म दे दिए हैं। रविवार देर रात करनाल के निर्माणाधीन रिंग रोड पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवक दीपक की जान चली गई। दीपक, जो अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था, मजदूरी के बाद घर लौट रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे ने न केवल एक नौजवान की जान ली है, बल्कि पीछे एक विधवा पत्नी, 5 साल का मासूम बेटा और बुजुर्ग माता-पिता को बेसहारा छोड़ दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक दीपक करनाल के पास स्थित दरड़ गांव का रहने वाला था और वेटर के तौर पर काम करके अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। रविवार रात वह अपने दो अन्य साथियों के साथ ड्यूटी खत्म कर बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। हादसा उस समय हुआ जब वे सलारू के पास बन रहे नए रिंग रोड के फ्लाईओवर से नीचे उतर रहे थे। परिजनों और चश्मदीदों के मुताबिक, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक की लाइट की चकाचौंध इतनी अधिक थी कि बाइक चला रहे युवक को कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इसी दौरान निर्माणाधीन सड़क पर बिखरी बजरी और मिट्टी के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क पर जा गिरे।
मोटरसाइकिल पर बीच में बैठे दीपक के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे वह खून से लथपथ हो गया। पीछे से आ रही दूसरी बाइक पर सवार उनके साथियों और ठेकेदार ने तुरंत उन्हें उठाया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करनाल के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही दीपक ने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल हुए अन्य दो युवकों में से एक के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दूसरे साथी को भी काफी चोटें आई हैं।
दीपक की शादी साल 2018 में हुई थी और वह अपने पीछे 5 साल का एक बेटा छोड़ गया है, जो घर पर अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहा था। दीपक के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी हाउस के बाहर जमा हुए परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक मदद की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार अत्यंत गरीब है और दीपक ही घर का मुख्य स्तंभ था।
इस हादसे ने इन्द्री रोड और निर्माणाधीन रिंग रोड की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट्स का कोई प्रबंध नहीं है, जिसके कारण रात के समय यहाँ पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। निर्माणाधीन सड़क होने के कारण यहाँ जगह-जगह मिट्टी और बजरी बिखरी रहती है, जो दुपहिया वाहनों के लिए काल साबित हो रही है। प्रशासन की ओर से उचित संकेतक (साइन बोर्ड) और रोशनी की व्यवस्था न होने के कारण यहाँ आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
फिलहाल रंबा चौकी की पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। यह दुर्घटना एक चेतावनी है कि विकास की गति के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक गरीब परिवार का चिराग बुझने के बाद अब ग्रामीण केवल इंसाफ और मदद की आस लगाए बैठे हैं।