हरियाणा के करनाल जिले में पिछले दिनों एक प्रतिष्ठित कपड़ा शोरूम में हुई लाखों की चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस की सीआईए-3 (एंटी बर्गलरी स्टाफ) शाखा ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पंजाब के जालंधर निवासी एक अत्यंत शातिर और आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने करनाल के हृदय स्थल नेताजी सुभाष मार्केट स्थित ‘अप्सरा एम्पोरियम’ से करीब 17 लाख रुपये मूल्य की साड़ियों पर हाथ साफ किया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान 50 वर्षीय अर्जुन शर्मा के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक इतिहास दहला देने वाला है।
घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी की यह वारदात 2-3 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को अंजाम दी गई थी। शातिर चोर ने दुकान का शटर काटकर बड़ी मात्रा में महंगी साड़ियां और कुछ नकदी चुरा ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक करनाल ने इसकी जांच सीआईए-3 के इंस्पेक्टर अजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम को सौंपी थी। पुलिस टीम ने लगभग 18 दिनों तक तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का पीछा किया और अंततः उसे 22 मार्च को करनाल के नए बस स्टैंड इलाके से धर दबोचा।
पूछताछ में सामने आया है कि अर्जुन शर्मा एक ‘प्रोफेशनल’ चोर है जो अकेले ही वारदातों को अंजाम देता है। वह वारदात से एक दिन पहले इलाके की गहन रेकी करता था और यह पता लगाता था कि किस दुकान में नया स्टॉक आया है। अप्सरा एम्पोरियम में भी वारदात से एक दिन पहले ही साड़ियों की बड़ी खेप आई थी, जिस पर उसकी नजर थी। चोरी करने के बाद वह सामान को अंबाला के पास एक किराए के गोदाम में डंप कर देता था और खुद जालंधर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है, जिसकी पहचान शोरूम मालिक ने भी कर ली है।
आरोपी अर्जुन शर्मा का रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस भी हैरान रह गई। उस पर हरियाणा और पंजाब के विभिन्न जिलों में हत्या, स्नैचिंग, लूट, कारजैकिंग और चोरी के लगभग 60 मुकदमे दर्ज हैं। वह किशोरावस्था से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है और कई बार जेल जा चुका है। वर्तमान में भी उसके 16 मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। गिरफ्तारी के समय वह पानीपत में एक और बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन सीआईए-3 की मुस्तैदी ने उसे सफल नहीं होने दिया।
इस मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस ने स्थानीय व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श भी जारी किया है। जांच में पाया गया कि मार्केट की कम से कम 10 दुकानों के सीसीटीवी कैमरे वारदात की रात बंद थे। व्यापारियों का तर्क था कि वे शॉर्ट सर्किट के डर से रात को डीवीआर बंद कर देते हैं। पुलिस ने आग्रह किया है कि सुरक्षा की दृष्टि से रात को कैमरे चालू रखना अनिवार्य है। साथ ही, दुकानों के ताले ताले लगाने के पारंपरिक तरीके को बदलकर ‘इंटरनल लॉक’ (आंतरिक ताले) प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई है, जिसे तोड़ना चोरों के लिए अत्यंत कठिन होता है।
वर्तमान में आरोपी अर्जुन शर्मा पुलिस रिमांड पर है। पुलिस उससे वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद करने का प्रयास कर रही है, जिसे उसने भटिंडा से चोरी किया था। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान उससे कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल, 100 प्रतिशत रिकवरी और एक बड़े अपराधी की गिरफ्तारी से करनाल पुलिस ने व्यापारियों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम किया है।