March 20, 2026
20 march 12
  • संत ने राधे-राधे कहा – परिवार के साथ मुर्मू वृंदावन पहुंचीं, 25 मिनट चर्चा की

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उन्होंने 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की। राष्ट्रपति शुक्रवार सुबह 7 बजे बारिश के बीच परिवार के साथ प्रेमानंदजी के वृंदावन आश्रम पहुंचीं। उन्होंने हाथ जोड़कर संत को प्रणाम किया।

संत प्रेमानंद ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। आश्रम में राष्ट्रपति का संतों ने माला-चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया। राष्ट्रपति ने प्रेमानंदजी को जन्मदिन की भी बधाई दी। गुरुवार यानी 19 मार्च को उनका 56वां जन्मदिन था।

राष्ट्रपति मुर्मू, यूपी के 3 दिन के दौरे पर

राष्ट्रपति मुर्मू, यूपी के 3 दिन के दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए थे। फिर शाम को मथुरा पहुंचीं। प्रेमानंदजी से मुलाकात के बाद बाबा नीम करौरी महाराज के आश्रम पहुंचेंगी।

वहां से रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल जाएंगी और वहां पश्चिमी यूपी की सबसे आधुनिक कैंसर यूनिट का उद्घाटन करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू का मथुरा का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह पिछले साल 25 सितंबर को आई थीं। तब बांके बिहारी के दर्शन किए थे।

प्रेमानंद महाराज के दरबार में पूरे परिवार के साथ पहुंची थीं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री मौजूद थीं। केलीकुंज आश्रम में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं।

आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर नजर आईं

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर दिखीं। इस दौरान कुटिया में सिर्फ राष्ट्रपति, उनके परिजन और संत के करीबी शिष्य ही मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने अयोध्या राम मंदिर में रामयंत्र की स्थापना की थी

यूपी पहुंची राष्ट्रपति ने अपने दौरे के पहले दिन गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। मंदिर में रामदरबार में राम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर का भी भ्रमण किया। योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी थी।

इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा था- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। गुरुवार शाम को वह अयोध्या से मथुरा पहुंचीं। वहां वृंदावन में इस्कॉन मंदिर गईं, जहां राधा-श्याम सुंदर का पूजन-अर्चन किया।

उन्होंने मंदिर की साज-सजावट की तारीफ की। इस्कॉन में बच्चों से बातचीत की और उन्हें चॉकलेट दी। करीब आधा घंटा इस्कॉन में रुकने के बाद राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

अब संत प्रेमानंद महाराज की कहानी, 13 साल की उम्र में घर छोड़ा

प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी में कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। 3 भाई हैं, प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। कक्षा 8 तक पढ़ाई की है।

जब 13 साल के हुए तो उन्होंने ब्रह्मचारी बनने का फैसला किया। शुरुआत में प्रेमानंद महाराज का नाम ‘आर्यन ब्रह्मचारी’ रखा गया। काशी में उन्होंने करीब 15 महीने बिताए। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए। तब से वृंदावन में ही रह रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.