हरियाणा के करनाल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक बेबस मां अपने 27 वर्षीय बेटे की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही है। शहर के विकास नगर का रहने वाला विजय, जो मानसिक रूप से काफी कमजोर है, स्थानीय सिविल अस्पताल परिसर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और मां की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गरीबी और बीमारी की दोहरी मार झेल रहे इस परिवार के लिए यह समय किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है।
घटनाक्रम के अनुसार, विजय की मां उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर गई थी। विजय पिछले करीब 10-12 वर्षों से दिमागी और शारीरिक रूप से अस्वस्थ चल रहा है। उसे अक्सर तेज बुखार रहता था और वह सामान्य बच्चों की तरह व्यवहार नहीं कर पाता था। अस्पताल में भारी भीड़ और लंबी कतारों के कारण विजय को काफी देर तक धूप में इंतजार करना पड़ा। थकान और कमजोरी की वजह से विजय ने अपनी मां से कहा कि वह धूप में खड़ा नहीं हो पा रहा है। मां ने उसे एक सुरक्षित स्थान पर रुकने के लिए कहा और खुद जल्दी से दवाई लेने के लिए कतार में लग गई।
पीड़ित मां के अनुसार, उसे दवाई प्राप्त करने में मात्र 20 मिनट का समय लगा। लेकिन जब वह वापस उसी स्थान पर पहुँची जहां उसने अपने बेटे को छोड़ा था, तो विजय वहां नहीं मिला। बदहवास मां ने अस्पताल के कोने-कोने में अपने कलेजे के टुकड़े को तलाश किया, सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की और वहां मौजूद हर व्यक्ति को बेटे की तस्वीर दिखाई, लेकिन विजय का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने सक्रियता दिखाते हुए विजय की फोटो अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी साझा की, परंतु शाम तक कोई सकारात्मक सूचना प्राप्त नहीं हुई।
विजय की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि वह अपनी मानसिक स्थिति के कारण किसी अजनबी से बात नहीं कर पाता है। वह अपना नाम तो बता सकता है, लेकिन घर का पता या कोई अन्य जानकारी साझा करने में पूरी तरह असमर्थ है। वह इतना भोला है कि प्यास लगने पर खुद पानी मांगकर भी नहीं पी सकता। परिवार को इस बात की सबसे अधिक चिंता सता रही है कि पता नहीं उनके लाडले ने पिछले 24 घंटों से कुछ खाया-पिया होगा या नहीं और वह रात की ठंड में कहां सोया होगा।
लापता होने की आधिकारिक शिकायत सिविल लाइंस थाने में दर्ज करा दी गई है। इस बीच, परिवार के लिए उम्मीद की एक किरण तब जगी जब उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि उन्होंने कल शाम करीब 4:00 बजे विजय को सेक्टर 12 चौक के आसपास घूमते हुए देखा था। हालांकि, उस समय रिश्तेदार को विजय के लापता होने की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने उसे रोका नहीं। अब परिवार और पुलिस की टीमें सेक्टर 12 और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने की योजना बना रही हैं ताकि विजय की सही दिशा का पता लगाया जा सके।
विजय के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और घर की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। मां ने बताया कि विजय ने आखिरी समय में काले रंग का पजामा (लोअर) और आसमानी रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। पैरों में उसने लाल रंग की चप्पल पहनी थी। उसके पास न तो कोई मोबाइल फोन है और न ही जेब में पैसे। परिवार ने आम जनता से हाथ जोड़कर प्रार्थना की है कि यदि किसी को भी विजय जैसा दिखने वाला युवक कहीं मिले, तो उसे तुरंत अपने पास बिठा लें और दिए गए नंबरों पर सूचित करें।
इस समय करनाल का मौसम भी खराब हो रहा है, जिससे परिजनों की चिंता और अधिक बढ़ गई है। एक मां जिसने अपने बीमार बच्चे को पालने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी, आज वह खुद ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही है। समाज के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील की जाती है कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार का सहारा बनें। यदि आपको काले लोअर और आसमानी टी-शर्ट में कोई असहाय युवक दिखे, तो उसे नजदीकी पुलिस स्टेशन या डायल 112 की टीम को सौंप दें। आपकी एक छोटी सी जागरूकता एक मां को उसका बेटा वापस दिला सकती है।
परिजनों ने संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 83839787081 जारी किया है। किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत इस नंबर पर सूचित किया जा सकता है। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी लगातार सक्रिय हैं, लेकिन जनता का सहयोग इस मामले में निर्णायक साबित हो सकता है।
Ground Report By Bhavya Narang