हरियाणा के करनाल जिले में रफ्तार के कहर ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते गरीब परिवार की खुशियाँ उजाड़ दी हैं। नेशनल हाईवे पर अलसुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में 35 वर्षीय ओकिल नामक युवक की जान चली गई। ओकिल, जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मंडी जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ओकिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठा एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और चार मासूम बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, ओकिल मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला था। वह पिछले कई वर्षों से करनाल में रहकर नई फ्रूट मंडी और अनाज मंडी में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। ओकिल की माली हालत काफी खराब थी और वह यहाँ रहकर जो भी कमाता था, उसे गांव में रह रहे अपनी पत्नी और चार बच्चों के पालन-पोषण के लिए भेज देता था। उसके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं, जिनमें सबसे बड़े बच्चे की उम्र मात्र 9 साल है। ओकिल के माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका था और वह अपनी मासी और बहन का भी इकलौता सहारा था।
हादसा आज तड़के करीब 4:00 से 5:00 बजे के बीच हुआ। चूँकि मंडी का काम सुबह जल्दी शुरू हो जाता है, इसलिए ओकिल अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर काम के लिए निकला था। मोटरसाइकिल के पीछे फलों की कुछ खाली क्रेट्स और रेहड़ी का सामान भी बंधा हुआ था। जब वे ब्रह्मानंद चौक और चुंगी के समीप पहुँचे, तो पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर दूर जा गिरे। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक मौके से वाहन सहित फरार होने में सफल रहा।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुँची। ओकिल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसके साथी की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि घायल व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है। फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। मृतक ओकिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह (मोर्चरी हाउस) में रखवाया गया है।
मृतक की मासी और अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि ओकिल बचपन से ही करनाल में मजदूरी कर रहा था। वह केवल त्यौहारों या विशेष अवसरों पर ही अपने परिवार से मिलने बिहार जाता था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओकिल के जाने के बाद अब उन छोटे-छोटे बच्चों को रोटी कौन देगा, जिनका पिता और सहारा हमेशा के लिए छिन गया है। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि फरार ट्रक चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी ट्रक और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क दुर्घटना में मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और अलसुबह होने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब मजदूर की इस मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
Ground Report By Bhavya Narang