April 4, 2026
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  • दो साल से बंद थी नाक, पथरियां 2.8, 9 और 5.8 एमएम की

करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के करनाल जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यहां 74 वर्षीय हार्ट मरीज रण सिंह की नाक से कई पथरियां निकाली गईं, जिससे उसे बड़ी राहत मिली है। ये पथरियां 2.8, 9 और 5.8 एमएम की हैं. मरीज पिछले दो साल से इससे परेशान था।

दो साल से थी सांस लेने में परेशानी

मरीज रण सिंह पिछले करीब दो साल से नाक बंद रहने की समस्या से जूझ रहा था । शुरुआत में वह इसे सामान्य समस्या समझकर दमे की दवा लेता रहा, लेकिन जब नाक से सांस आना लगभग बंद हो गया, तब वह अस्पताल पहुंचा।

सिटी स्कैन में सामने आई चौंकाने वाली स्थिति

जांच के दौरान जब मरीज का सिटी स्कैन किया गया तो डॉक्टरों को पता चला कि नाक से लेकर गले तक पथरियां जमा हैं। यह स्थिति बेहद असामान्य थी और तुरंत ऑपरेशन की जरूरत थी।

बिना जनरल एनेस्थीसिया के किया ऑपरेशन

मरीज के हार्ट पेशेंट होने के कारण उसे जनरल एनेस्थीसिया देना संभव नहीं था. ऐसे में स्पेशलिस्ट ईएनटी डॉक्टर डॉ. जयवर्धन ने लोकल एनेस्थीसिया के जरिए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान 2.8 मिमी, 5.8 मिमी और 9 मिमी की पथरियां सफलतापूर्वक निकाली गईं।

डॉक्टर के करियर का पहला मामला

डॉ. जयवर्धन के अनुसार, उनके करियर में यह पहला ऐसा मामला था, जिसमें नाक में इतनी अधिक मात्रा में पथरियां जमा पाई गईं। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह से ठीक है और उसे सांस लेने में राहत मिल रही है।डॉक्टरों के मुताबिक, जो लोग लंबे समय तक धूल-मिट्टी वाले वातावरण में काम करते हैं, उनकी नाक में सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं। समय के साथ ये कण कठोर होकर पथरी का रूप ले सकते हैं।

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