होली के पावन अवसर पर जहाँ पूरा शहर रंगों के उत्सव में डूबा हुआ है, वहीं सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करनाल पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आ रही है। त्यौहार की आड़ में हुड़दंग करने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें शहर के संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। इसी कड़ी में सेक्टर-13 के क्षेत्र में थाना प्रभारी (एसएचओ) रामलाल अपनी टीम के साथ खुद सड़कों पर उतरे, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गश्त के दौरान पुलिस का मुख्य केंद्र वे युवा थे जो खुली गाड़ियों, थार जीप और ट्रैक्टरों पर सवार होकर यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए शोर-शराबा कर रहे थे। पुलिस टीम ने ऐसे कई वाहनों को रोका जो क्षमता से अधिक सवारियों या असुरक्षित तरीके से सड़क पर चल रहे थे। विशेष रूप से उन गाड़ियों पर ध्यान दिया गया जिनमें युवा खड़े होकर हवाबाजी कर रहे थे या काली जाली और फिल्मों का उपयोग कर रहे थे। हालांकि, त्यौहार की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत में दंडात्मक कार्रवाई के बजाय समझाइश का रास्ता चुना।
एसएचओ रामलाल ने मौके पर युवाओं को रोककर उन्हें बड़े ही शांत लेकिन सख्त लहजे में समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि होली प्यार और सद्भाव का त्यौहार है, इसे इसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए। युवाओं को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे अपने घरों में या शांतिपूर्ण तरीके से त्यौहार मनाते हैं, तो पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि सार्वजनिक स्थलों पर हुड़दंगबाजी की गई या आम नागरिकों को परेशान किया गया, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि आज के दिन वे किसी का चालान नहीं काट रहे हैं और न ही गाड़ियां जब्त कर रहे हैं, बल्कि उन्हें एक मौका दे रहे हैं कि वे जिम्मेदारी से त्यौहार मनाएं।
पुलिस की इस मुहिम का उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि किसी भी संभावित हादसे को रोकना है। खुली गाड़ियों में खड़े होकर घूमना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि यह सवार लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। पुलिस ने युवाओं से कहा कि उनकी सुरक्षा ही प्रशासन की प्राथमिकता है। चेतावनी के दौरान उन वाहनों को विशेष रूप से टोका गया जिनमें मोडिफाइड साइलेंसर या तेज आवाज वाले पटाखे छोड़ने वाले यंत्र लगे थे। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि शहर की शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
इस दौरान पुलिस की एक मानवीय छवि भी देखने को मिली, जहाँ नियमों का उल्लंघन करने वाले युवाओं को भविष्य के लिए नसीहत देकर और त्यौहार की बधाई देकर घर भेजा गया। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना की है। लोगों का मानना है कि पुलिस की मौजूदगी से सड़कों पर बेखौफ घूमने वाले असामाजिक तत्वों में डर बना रहता है, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग सुरक्षित महसूस करते हैं। करनाल पुलिस ने अंत में सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रंगों के इस पर्व को आपसी भाईचारे के साथ मनाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।