हरियाणा के करनाल जिले में सदर क्षेत्र के रहने वाले एक प्रतिष्ठित बुजुर्ग व्यवसायी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 65 वर्षीय विक्रम उर्फ पप्पू, जो शहर के एक जाने-माने कारोबारी थे, शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे अपनी साइकिल लेकर घर से पीर पक्के पुल पर माथा टेकने के लिए निकले थे। परिजनों के अनुसार, वह रोज की तरह सैर और पूजा के लिए घर से निकले थे, लेकिन जब वह सुबह 7:30 बजे तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी।
परिजनों ने तुरंत उनकी तलाश शुरू की और उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन बंद (स्विच ऑफ) आ रहा था। काफी खोजबीन के बाद जब एक परिचित कल्पना चावला मेडिकल अस्पताल पहुंचा, तो वहां मोर्चरी में एक अज्ञात शव की सूचना मिली। जब परिवार ने वहां जाकर शिनाख्त की, तो वह शव विक्रम उर्फ पप्पू का ही था। मृतक के शरीर, विशेष रूप से सिर के पिछले हिस्से और माथे पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे परिजनों ने उनकी हत्या किए जाने का गंभीर अंदेशा जताया है।
मृतक के बेटे सुशील और परिवार के अन्य सदस्यों का आरोप है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित लूट और हत्या का मामला है। परिजनों ने बताया कि विक्रम हमेशा गले में सोने की एक मोटी चैन और हाथ में सोने की अंगूठी पहनते थे। इसके अलावा, कमेटी के भुगतान के लिए उनकी जेब में करीब ₹20,000 की नगद राशि भी थी। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में मिली उनकी बॉडी के पास से न तो सोने के जेवर मिले, न ही वह नगद राशि मिली और उनकी साइकिल भी अभी तक लापता है।
इस पूरे घटनाक्रम में कल्पना चावला मेडिकल अस्पताल की सुरक्षा और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और स्थानीय पार्षद अमृत लाल जोशी का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से यह पूछना चाहा कि शव को अस्पताल कौन लेकर आया और वह कितने बजे पहुंचा, तो अस्पताल स्टाफ ने कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के रजिस्टर में न तो कोई एंट्री की गई है और न ही प्रबंधन सीसीटीवी फुटेज दिखाने को तैयार है। अस्पताल प्रशासन द्वारा कैमरों के बंद होने की बात कही गई है, जिसे परिवार एक बड़ी लापरवाही और मामले को दबाने की कोशिश मान रहा है।
जांच के दौरान मृतक के मोबाइल की लोकेशन और बाद में एक ऑटो चालक का सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि विक्रम का मोबाइल इंद्री क्षेत्र के एक ऑटो चालक के पास पाया गया। वह ऑटो चालक संदिग्ध परिस्थितियों में इंद्री-लाडवा रोड पर एक दुर्घटना का शिकार हो गया है और फिलहाल गंभीर हालत में चंडीगढ़ रेफर किया गया है। स्थानीय पार्षद के मुताबिक, वह ऑटो चालक पिछले तीन-चार दिनों से अपने घर से भी लापता था और उस पर लूटपाट कर भागने का संदेह जताया जा रहा है।
फिलहाल, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात असल में किस जगह हुई और विक्रम को अस्पताल पहुंचाने वाली महिला कर्मचारी ‘मेनका’ का इस मामले में क्या बयान है। व्यवसायी की मौत से इलाके में गहरा रोष है और लोग पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की जांच की मांग कर रहे हैं।