हरियाणा के करनाल जिले के अंतर्गत आने वाले गांव स्टोंडी में एक सनसनीखेज सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी अनियंत्रित होकर गांव के विशाल और गहरे तालाब (जोहड़) में जा गिरी। यह हादसा रात के करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच हुआ, जब दो युवक अपनी काले रंग की नई स्कॉर्पियो कार में सवार होकर करनाल से मुनक की ओर जा रहे थे। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में दोनों युवकों की जान बाल-बाल बच गई।
जानकारी के अनुसार, कार में सवार दोनों युवकों की उम्र लगभग 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है। चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, गाड़ी काफी तेज गति में थी और अचानक टायर की हवा निकल जाने या तकनीकी खराबी के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी सड़क से उतरकर सीधे गहरे जोहड़ में जा समाई। पानी गहरा होने के कारण गाड़ी धीरे-धीरे डूबने लगी, लेकिन युवकों ने सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने भारी मशक्कत करते हुए गाड़ी के अंदर से ही शीशों को तोड़ा और समय रहते बाहर निकल आए। हालांकि, इस प्रक्रिया में उन्हें मामूली चोटें जरूर आईं, लेकिन उनकी जान सुरक्षित रही।
हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। सुबह होने पर गाड़ी को तालाब से बाहर निकालने के लिए प्रसिद्ध गोताखोर प्रकट सिंह और उनकी टीम को बुलाया गया। तालाब का पानी अत्यधिक गंदा और कचरे से भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गोताखोर प्रकट सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर और आधुनिक उपकरणों के साथ कई बार गंदे पानी में छलांग लगाई। उन्होंने बताया कि पानी के नीचे करीब 20 फुट तक गाद (कीचड़) जमा थी, जिसके कारण गाड़ी को ढूंढना और उस पर रस्सा बांधना बेहद कठिन कार्य था।
करीब दो से ढाई घंटे तक चले इस कठिन ऑपरेशन के बाद, आखिरकार क्रेन और भारी रस्सों की मदद से स्कॉर्पियो कार को तालाब के बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद गाड़ी की स्थिति काफी दयनीय नजर आ रही थी। गाड़ी का अगला हिस्सा, छत और सभी शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। परिजनों ने बताया कि यह नई गाड़ी थी और इस हादसे में उन्हें लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
गोताखोर प्रकट सिंह ने इस दौरान प्रशासन और आम जनता से अपील की कि वे ऐसे संकट के समय में एक-दूसरे की मदद करें। उन्होंने यह भी बताया कि अत्यधिक गंदगी और दुर्गंध के कारण रेस्क्यू के दौरान उन्हें शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन सेवा भाव के चलते उन्होंने कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ लगाई। पुलिस प्रशासन ने भी मौके का मुआयना किया और वाहन चालकों को सड़क पर सावधानी बरतने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की हिदायत दी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।