करनाल: हरियाणा के करनाल जिले के बुटाना गांव से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार के दो मासूम बेटे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। 6 और 10 साल के दो सगे भाई थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों बच्चों की जान बचाने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) एकमात्र रास्ता है, जिसमें लगभग 60 से 70 लाख रुपये का खर्च बताया गया है।
जोगी समाज से ताल्लुक रखने वाला यह परिवार बेहद तंगहाली में एक छोटे से कच्चे कमरे में गुजर-बसर कर रहा है। बच्चों के पिता पिछले 10 वर्षों से उन्हें लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ के बड़े अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। इलाज की भागदौड़ और आर्थिक तंगी के कारण उनकी नौकरी भी छूट गई है, जिससे परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की मां और दादी ने नम आंखों के साथ समाज के दानी सज्जनों, सामाजिक संस्थाओं और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। दादी ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पास न जमीन है और न ही कोई जमापूंजी जिसे बेचकर वे अपने पोतों की जिंदगी बचा सकें।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन और क्षेत्र के जन-प्रतिनिधियों से इस मामले में हस्तक्षेप कर सरकारी सहायता दिलाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा योगदान दे, तो इन मासूमों की मुस्कान वापस लौट सकती है। परिवार ने अपनी बैंक डिटेल्स और डिजिटल पेमेंट नंबर सार्वजनिक किए हैं ताकि सीधे तौर पर मदद पहुंच सके। इस विकट परिस्थिति में पूरा गांव इस परिवार के साथ खड़ा है और मुख्यमंत्री व स्थानीय सांसदों से विशेष राहत पैकेज की उम्मीद कर रहा है।