करनाल: जिले के चमारखेड़ा गांव के समीप स्थित नहर की पुलिया के पास एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह शव नहर में जमा भारी कबाड़ और गंदगी के नीचे फंसा हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, डायल 112 की टीम और प्रसिद्ध गोताखोर प्रगट सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
उल्लेखनीय है कि पिछले शुक्रवार को अंबाला के नजदीक बटेड़ा हेड पर नहर के गेटों की पेंटिंग का काम करते समय मचान टूटने से दो नौजवान लड़के, सागर और गुरविंदर, नहर में डूब गए थे। तभी से दोनों परिवारों के सदस्य और रिश्तेदार दिन-रात नहर के विभिन्न किनारों पर पहरा दे रहे हैं और अपने बच्चों की तलाश में जुटे हुए हैं। ठंड और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद परिजन पिछले छह दिनों से यहीं खाना बना रहे हैं और सो रहे हैं।
नहर में मिले इस शव को लेकर परिजनों में आशंका बढ़ गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शव पर मौजूद कपड़ों के आधार पर परिजनों को अंदेशा है कि यह शव सागर का हो सकता है। हालांकि, नहर में बड़ी मात्रा में लकड़ी और कबाड़ होने के कारण शव बार-बार गंदगी के नीचे दब रहा था, जिससे उसे किनारे लाने में गोताखोरों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन से कबाड़ हटाने के लिए तत्काल हाइड्रा मशीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है ताकि शव को बाहर निकाला जा सके।
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि वे पिछले सात दिनों से परिवार के साथ संपर्क में हैं और लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। आज सुबह जब वे पुलों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी चमारखेड़ा पुलिया के पास यह शव नजर आया। उन्होंने इसे एक बेहद दर्दनाक स्थिति बताया, जहां परिवार अपनों के शव को पाने के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को बाहर निकालने के बाद ही आधिकारिक रूप से उसकी पहचान हो पाएगी, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।