करनाल जिले में शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाकर भेजी गई बम की धमकी के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को ईमेल के माध्यम से मिली इस धमकी ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) करनाल ने स्वयं कमान संभाली है और जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
पुलिस अधीक्षक ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि जैसे ही स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त होने की सूचना मिली, तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। जिले के सभी प्रभावित स्कूलों में बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वायड और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें स्कूलों के कमरों, खेल के मैदानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहनता से तलाशी ले रही हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि अभी तक कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है और यह प्रारंभिक तौर पर समाज में डर पैदा करने की एक शरारतपूर्ण कोशिश नजर आ रही है।
प्रशासन ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। पैनिक की स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने स्कूलों के बाहर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सके। एसपी ने कहा कि स्कूलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
साइबर सेल की टीमें इन धमकी भरे ईमेल के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं। आईपी एड्रेस और ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है ताकि इस साजिश के पीछे छिपे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इस तरह की झूठी अफवाहें फैलाएगा या ईमेल के पीछे जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी सर्विलांस को और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी जारी किए हैं।