आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से ग्रसित है। अक्सर लोग ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोगों जैसी समस्याओं के लिए जीवन भर एलोपैथिक दवाइयों पर निर्भर रहने को अपनी नियति मान लेते हैं। लेकिन करनाल के सेक्टर 14 स्थित ‘कबीर वेलनेस’ आयुर्वेदिक औषधालय ने पिछले 5 वर्षों में हजारों लोगों की इस धारणा को बदला है और उन्हें आयुर्वेद के माध्यम से एक स्वस्थ जीवन की नई राह दिखाई है।
कबीर वेलनेस के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर संस्थान के निदेशक नवीन भलारा ने बताया कि आयुर्वेद केवल एक उपचार पद्धति नहीं, बल्कि 5000 साल पुरानी एक संपूर्ण जीवन विज्ञान है। उन्होंने जोर दिया कि अधिकांश बीमारियाँ हमारे लाइफस्टाइल और खान-पान में आए बदलावों का परिणाम हैं। कबीर वेलनेस में मुख्य रूप से उन जड़ी-बूटियों और औषधियों का उपयोग किया जाता है जो कभी हमारी रसोई का हिस्सा हुआ करती थीं, जैसे गिलोय, नीम, एलोवेरा और त्रिफला।
संस्थान में ‘सुकून’ टेबलेट के माध्यम से अनिद्रा (इंसोमनिया) का, ‘डेबिकोर’ से शुगर का और ‘हेड हील’ से माइग्रेन जैसी समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज किया जा रहा है। यहाँ आने वाले मरीजों ने अपने अनुभवों में बताया कि वर्षों से चल रही एलोपैथिक दवाइयों के मुकाबले आयुर्वेद ने उन्हें जड़ से राहत दी है। विशेष रूप से शुगर और पेट संबंधी रोगों में मरीजों को उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
उपचार की आधुनिक और पारंपरिक विधियों के संगम के रूप में यहाँ ‘पंचकर्मा’ थेरेपी की विशेष सुविधा उपलब्ध है। नवीन भलारा के अनुसार, पंचकर्मा शरीर के लिए वही काम करता है जो गाड़ी के लिए उसकी सर्विसिंग करती है। यह शरीर को गहराई से डिटॉक्सिफाई (विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना) करता है। अभ्यंग (मसाज) और स्टीम बाथ जैसी प्रक्रियाओं से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पंचकर्मा की खूबी यह है कि यह दवाइयों के असर को तेज कर देता है और शरीर की मैकेनिकल समस्याओं जैसे सर्वाइकल, डिस्क और घुटनों के दर्द में तुरंत राहत प्रदान करता है।
कबीर वेलनेस में आने वाले हर नए मरीज के लिए ‘नाड़ी परीक्षण’ की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। नाड़ी परीक्षण के जरिए विशेषज्ञ शरीर के वात, पित्त और कफ के असंतुलन का पता लगाते हैं और उसी के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। उत्तम हॉस्पिटल के पास स्थित यह केंद्र अब करनाल वासियों के लिए प्राकृतिक चिकित्सा और दीर्घायु जीवन का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।