- योजना का नाम बदलकर इसे कमजोर करने का प्रयास किया गया है- दीपेंद्र हुड्डा
करनाल के इंद्री में बुधवार को पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मनरेगा के नाम बदले जाने और बढ़ते अपराध के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से एक बार फिर साबित हो गया है कि भाजपा काम की राजनीति की बजाय नाम की राजनीति में विश्वास रखती है। योजना का नाम बदलकर इसे कमजोर करने का प्रयास किया गया है, जिसका सीधा नुकसान ग्रामीणों और मजदूरों को होगा।
मनरेगा का बजट घटाकर योजना कमजोर करने का आरोप
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मनरेगा के काम का बजट पहले जहां सौ प्रतिशत केंद्र से मिलता था, उसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत राशि अब राज्य सरकारों को देनी पड़ेगी। इससे साफ है कि केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल नाम बदल देने से रोजगार नहीं बढ़ेगा, बल्कि बजट और काम दोनों की जरूरत होती है।
महात्मा गांधी के नाम पर आपत्ति क्यों
कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि महात्मा गांधी के नाम से किसी को क्या आपत्ति हो सकती थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी स्वयं राम भक्त थे और उनके अंतिम शब्द भी ‘हे राम’ थे। इसके बावजूद मनरेगा का नाम बदल दिया गया। यह फैसला समझ से परे है और इसके पीछे केवल राजनीतिक मंशा नजर आती है।
वीबीजीरामजी में श्रीराम का नाम ही नहीं
हुड्डा ने कहा कि कुछ लोग यह तर्क दे रहे हैं कि योजना का नाम भगवान श्रीराम के नाम पर रखा गया है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। अगर वीबीजीरामजी के फुल फॉर्म की बात की जाए तो वह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ है। इसमें भगवान श्रीराम का नाम कहीं भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना नाम लिए इस तरह योजना बनाना मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के साथ भी एक बड़ा छल है।
हरियाणा में बढ़ते अपराध पर जताई चिंता
बढ़ते क्राइम के सवाल पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है। यहां हत्या, फिरौती, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सबसे ज्यादा दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुद हरियाणा सरकार मान रही है कि प्रदेश में अस्सी से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं।
जेलों और विदेशों से आ रही फिरौती कॉल
दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि इन गैंगों के जरिए फिरौती की कॉल देश की जेलों और विदेशों से आ रही हैं। इससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है और सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।