हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति की बेवफाई और दूसरी शादी से आहत होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। पीड़िता की पहचान मीनाक्षी के रूप में हुई है, जिसे गंभीर अवस्था में करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी का विवाह करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति पिछले पांच महीनों से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। विवाद इतना बढ़ गया था कि पति ने उसे घर से बाहर निकाल दिया था, जिसके बाद वह अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान पति ने बिना किसी कानूनी तलाक या सूचना के गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली।
पीड़िता को इस दूसरी शादी की जानकारी 1 जनवरी को तब मिली, जब जिस युवती के साथ उसके पति ने विवाह किया था, उसके परिजन मीनाक्षी के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका जमाई (मीनाक्षी का पति) उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है। इस सच्चाई के सामने आने के बाद मीनाक्षी गहरे मानसिक तनाव में चली गई। इसी अवसाद के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर खा लिया।
मीनाक्षी की माता बाला और उसकी बहन ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत निसिंग थाने में दर्ज कराई थी और दरख्वास्त भी दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कदम उठाती, तो शायद मीनाक्षी आज इस स्थिति में न होती।
अस्पताल में उपचाराधीन मीनाक्षी ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से घर पर ही थी और उसे उम्मीद थी कि मामला सुलझ जाएगा, लेकिन बिना तलाक के पति का दूसरा विवाह करना उसके लिए असहनीय था। फिलहाल चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर वैवाहिक विवादों में पुलिस की संवेदनशीलता और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि कानून का उल्लंघन कर दूसरी शादी करने वाले व्यक्ति और इस मामले में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाते हैं।