करनाल शहर आज सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। गुरु साहिब के जन्मदिवस की खुशी में करनाल की सिख संस्थाओं द्वारा एक भव्य और विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश और श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी। कुंजपुरा रोड से शुरू होकर यह नगर कीर्तन शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरा।
नगर कीर्तन की शुरुआत में सिख युवाओं और बच्चों ने परंपरागत युद्ध कला ‘गतका’ का शानदार प्रदर्शन किया। शस्त्रों के साथ किए गए इन हैरतअंगेज करतबों ने मार्ग में खड़े दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर कीर्तन के मुख्य आकर्षण का केंद्र गुरु ग्रंथ साहब जी की पावन पालकी साहिब रही, जिसे फूलों और रोशनी से बेहद सुंदर तरीके से सजाया गया था। पालकी के आगमन से पूर्व श्रद्धालु सेवा भाव से सड़क की सफाई और पानी का छिड़काव करते नजर आए।
नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। श्रद्धालु अपने वाहनों, ट्रैक्टरों और ट्रकों को फूलों से सजाकर भजन-कीर्तन करते हुए इस शोभायात्रा का हिस्सा बने। शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने भी इसमें शिरकत की। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए चाय, प्रसाद और भंडारे का विशेष आयोजन किया गया था।
आयोजकों ने बताया कि यह नगर कीर्तन डेरा कार सेवा से शुरू होकर निर्मल कुटिया, सेक्टर-7 गुरुद्वारा और सेक्टर-6 होते हुए शाम को वापस डेरा कार सेवा में संपन्न होगा। उन्होंने जानकारी साझा की कि 4 जनवरी को मुख्य गुरुपर्व मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में कल शाम को मंजी साहब गुरुद्वारे में विशेष समागम होगा, जिसमें दरबार साहब के हजूरी रागी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल करेंगे। इसके पश्चात, रविवार को डेरा कार सेवा में सुबह और शाम के विशेष दीवान सजाए जाएंगे।
नगर कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु गोविंद सिंह जी के त्याग और बलिदान को याद किया। सिखों के दवें गुरु ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था, जिनकी स्मृति में यह प्रकाश पर्व हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।