वर्ष 2025 का समापन होते-होते मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदल दिया है। 31 दिसंबर यानी साल के आखिरी दिन कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। उत्तर भारत के कई हिस्सों सहित करनाल में भी शीत लहर का प्रकोप शुरू हो गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से सर्दी की चपेट में आ गया है।
बाजारों और सड़कों के किनारे लोग अब भारी गर्म कपड़ों, स्वेटर, जैकेट और टोपियों में लिपटे नजर आ रहे हैं। ठंड का आलम यह है कि लोग अपनी दुकानों के बाहर और सार्वजनिक स्थानों पर लकड़ी जलाकर अलाव का सहारा ले रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि ठंड के कारण सुबह के समय ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे वे आपस में बैठकर हाथ सेंकते हुए समय व्यतीत कर रहे हैं। राहगीर भी सफर के दौरान थोड़ी देर रुककर अलाव की गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
तापमान में आई भारी गिरावट और छाई धुंध के कारण दिन में भी सूरज के दर्शन नहीं हो रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की भी संभावना बनी हुई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि असली सर्दी का मजा अब शुरू हुआ है, हालांकि इससे सामान्य कामकाज पर असर जरूर पड़ा है।
नए साल के स्वागत की तैयारियों के बीच प्रशासन और जागरूक नागरिकों ने विशेष हिदायत जारी की है। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने को कहा गया है। विशेष रूप से नए साल की पूर्व संध्या पर पार्टी करने वाले युवाओं से अपील की गई है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और हुड़दंगबाजी से बचें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने परिवार के साथ घर पर ही सुरक्षित रहकर नए साल का जश्न मनाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ठिठुरन भरी इस सर्दी ने जहां लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है, वहीं मूंगफली, रेवड़ी और गर्म पकवानों का दौर भी शुरू हो गया है। आने वाले जनवरी के पहले हफ्ते में कड़ाके की ठंड और शीत लहर का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।