हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज कैथल जिले के गांव चूड़माजरा पहुंचे, जो सुप्रसिद्ध संत जगतगुरु स्वामी ब्रह्मानंद जी की जन्मस्थली है। गुरु ब्रह्मानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गांव के प्राचीन मंदिर और गुरु महाराज की पवित्र समाधि पर मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर में माथा टेकने के बाद मुख्यमंत्री ने गुरु महाराज के पचरंगे झंडे को शीश नवाया और मंदिर की परिक्रमा की। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में पुष्प अर्पित कर नमन किया और वहां मौजूद संत समाज व श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पुंडरी के विधायक सतपाल जांबा सहित कई गणमान्य नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री को मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रसाद और फल भेंट किए गए।
चूड़माजरा गांव के सरपंच कुलदीप सिंह ने मुख्यमंत्री के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे गांव और श्रद्धालु समाज के लिए गौरव का क्षण है कि प्रदेश के मुखिया खुद इस पावन धरा पर पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में इस स्थान की महत्ता को देखते हुए इसे और अधिक विकसित किया जाएगा।
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए, जहां वे एक विशाल जनसमूह को संबोधित करेंगे। हरियाणा सरकार द्वारा गुरु ब्रह्मानंद जी की जयंती को राज्य स्तर पर मनाने के निर्णय की सर्व समाज द्वारा सराहना की जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से गुरु जी के शांति, सेवा और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में संगत पहुंची है। स्थानीय प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे और भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।