हरियाणा के कैथल जिले का गांव चूड़माजरा आज आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बना हुआ है। जगतगुरु स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज की जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मस्थली चूड़माजरा में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह हरियाणा के इतिहास में पहली बार है जब प्रदेश सरकार आधिकारिक तौर पर स्वामी ब्रह्मानंद जी की जयंती को सरकारी स्तर पर मना रही है।
समारोह की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों और हवन-यज्ञ के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने सर्व समाज को गुरु जी की जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक वर्ग या समुदाय के नहीं होते, बल्कि वे पूरे राष्ट्र और मानवता के होते हैं। सरकार की यह पहल कि महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाई जाएं, समाज को उनकी शिक्षाओं से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
कार्यक्रम के दौरान संत समाज की भारी मौजूदगी रही। विभिन्न आश्रमों से आए संतों ने स्वामी ब्रह्मानंद जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने सदैव सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई और समाज को शिक्षा व सदाचार का मार्ग दिखाया। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस महान संत की जन्मस्थली को ‘धाम’ के रूप में पहचान दिलाने और इस जयंती को राज्य स्तरीय सम्मान देने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व रोड महासभा के प्रधान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बताया कि स्वामी ब्रह्मानंद जी के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा है। प्रदेश भर में उनके करीब 200 से 250 आश्रम हैं, जहां निरंतर आध्यात्मिक गतिविधियां चलती रहती हैं। विदेशों में रह रहे भारतीय युवाओं के बीच भी गुरु जी के विचारों का व्यापक प्रभाव है, जिसकी सराहना विधानसभा अध्यक्ष ने भी की। उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे युवा अपनी जड़ों और महापुरुषों के विचारों से जुड़कर न केवल व्यक्तिगत तरक्की करेंगे, बल्कि अपने समाज और देश का नाम भी रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के लिए चूड़माजरा में एक विशाल पंडाल लगाया गया है, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आगमन कुछ ही समय में अपेक्षित है, जिनके स्वागत के लिए प्रशासन और आयोजकों ने व्यापक तैयारियां की हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आज का दिन चूड़माजरा के लिए गौरवशाली है, क्योंकि इसे अब एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने की उम्मीद जगी है। 24 तारीख को भी प्रदेश के विभिन्न गांवों और शहरों में स्थित आश्रमों में गुरु जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी और विशाल भंडारों का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन ने 36 बिरादरी को एक मंच पर लाकर भाईचारे और सद्भाव का एक नया संदेश दिया है।