करनाल: हरियाणा के करनाल जिले के डबरकी गाँव में एक अंडे की रेहड़ी चलाने वाले युवक के परिवार पर हुए एक बड़े हमले ने गाँव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बताया जाता है कि अंडे की दुकान पर हुई एक मामूली कहासुनी के बाद, हमलावरों के एक बड़े समूह ने पहले दुकान पर और फिर घर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक ही परिवार के चार भाई और उनकी माँ बुरी तरह से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत अंडे की दुकान पर हुई। पीड़ित परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि उनका एक भाई दुकान पर अंडे बेच रहा था, तभी एक लड़का शराब पीकर आया और दुकान के काउंटर पर लात मार दी। जब अंडे विक्रेता ने इसका विरोध किया, तो दोनों के बीच बहस हुई और बात बढ़ गई। यह कहासुनी कुछ ही देर में समाप्त हो गई और पीड़ित पक्ष के लोग अपने भाई को लेकर घर आ गए।
पीड़ितों के अनुसार, शुरुआती विवाद के बाद लगभग 20 से 25 लोगों का एक समूह आक्रामक रूप से उनके घर पर आ धमका। परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमलावर आसपास के गाँवों से थे और हथियारों से लैस थे। उन्होंने अचानक घर पर पथराव शुरू कर दिया और गेट को तोड़कर घर में घुसने का प्रयास किया। एक भाई ने बताया, “हम चार-पाँच भाई घर पर थे। हमने गेट का ताला लगा लिया था, लेकिन 20-25 हमलावरों ने अचानक आकर गेट तोड़ दिया और ईंटें, लाठी-डंडे और गंडासियों से हम पर हमला कर दिया।”
इस अमानवीय हमले में परिवार के चार भाइयों को गंभीर चोटें आई हैं। एक भाई की आँख पर चोट लगी है, जबकि दूसरे की बाजू फट गई। इसके अलावा, हमलावरों की चपेट में आई उनकी माँ को भी काफी गुम चोटें आई हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि छोटे बच्चों को पड़ोसियों के घर भेजना पड़ा ताकि वे सुरक्षित रहें।
घायल परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उनके घर पर हमला करने से पहले उनकी मेन रोड पर स्थित अंडे की दुकान को भी पूरी तरह से उखाड़ दिया और लाखों का सामान बर्बाद कर दिया। उनका कहना है कि यह हमलावर समूह अपनी आदत के अनुसार अक्सर झगड़े के बाद दुकानों को निशाना बनाता है। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों की नीयत जानलेवा थी।
घटना की जानकारी मिलते ही कुपुरा थाना पुलिस की टीम और एसएओ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घायलों को करनाल के सरकारी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उन्हें एक्स-रे और उपचार के लिए रखा गया है। परिवार ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे इस घटना से काफी डरे हुए हैं और उन्हें न्याय का इंतजार है।