January 31, 2026
28 Nov 10
  • झीड़बड़ी गांव के पास NH‑44 सर्विस लेन पर CIA‑2 और तीन गैंगस्टर्स के बीच क्रॉस फायरिंग, पुलिसकर्मी सुरक्षित।​

  • दो बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल, तीसरा सलामत पकड़ा गया; तीनों पर पहले से व्यापारी हत्या केस (फायरिंग) के आरोप।​

  • FSL को मौके से दो पिस्टल, गोलियों के खोल, खून के सैंपल और बिना नंबर की Pulsar बाइक बरामद।​

  • पूरे क्षेत्र को सील कर फॉरेंसिक जांच जारी; इलाज के बाद आरोपियों को रिमांड पर लेकर बाकी वारदातें व गैंग कनेक्शन खंगाले जाएंगे।

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र CIA‑2 और तीन कुख्यात बदमाशों के बीच झीलमड़ी गांव के पास नेशनल हाईवे‑44 की सर्विस लेन पर हुई क्रॉस फायरिंग के बाद फॉरेंसिक टीम (FSL) ने मौके से शूटरों के हथियार, गोलियों के खोल और अन्य अहम साक्ष्य कब्जे में ले लिए। घटना उस समय हुई जब बिना नंबर प्लेट की Pulsar बाइक पर सवार तीन युवक—जिनमें आगे बैठे दो के पास हथियार थे—कथित रूप से किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे और मुखबिर की सूचना पर CIA‑2 टीम उनका पीछा करते हुए खेत–खलिहान वाले क्षेत्र तक पहुँची।​

जैसे ही बदमाशों ने देखा कि पुलिस की गाड़ी उनके पीछे आ गई है, उन्होंने घबराहट में कच्चे रास्ते की ओर बाइक मोड़ दी और वहीं बाइक गिर गई। पुलिस द्वारा रुकने की चेतावनी देने पर दोनों हथियारबंद युवकों ने CIA टीम पर 3–4 राउंड फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में चेतावनी स्वरूप पहले हवाई फायर और फिर आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जबकि तीसरे को बिना चोट के राउंड‑अप कर लिया गया।​

मौके से बरामद बिना नंबर की Pulsar बाइक और दोनों शूटरों के हथियार FSL टीम के हवाले कर दिए गए, जो इनसे फायरिंग की पुष्टि और बैलिस्टिक जांच करेगी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल को येलो टेप से पूरी तरह सील कर भीतर केवल तकनीकी टीम को ही प्रवेश दिया, ताकि गोलियों के खोल, खून के धब्बे और अन्य सबूत सुरक्षित रूप से जुटाए जा सकें और बाद में अदालत में पुख्ता साक्ष्य के रूप में पेश किए जा सकें।​

खेतों के बीच सर्विस लेन किनारे पड़ी Pulsar बाइक के आसपास पुलिस और FSL की टीमें बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं। खून के छींटों और बिखरे खोलों से साफ है कि दोनों तरफ से फायरिंग कुछ समय तक चली, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई और तीनों गैंगस्टर्स अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।​

CIA‑2 इंचार्ज मोहन लाल के अनुसार, लगभग एक माह पहले कुरुक्षेत्र के एक व्यापारी के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर की गई फायरिंग में भी यही तीनों आरोपी शामिल थे, जिसमें बाद में गोली लगने से व्यापारी की मृत्यु हो गई और उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। तब से पुलिस इन्हें तलाश रही थी और शुक्रवार को मुखबरी के आधार पर कार्रवाई कर इन्हें धर दबोचने पहुँची, जहां बदमाशों ने भागने की कोशिश में पुलिस पर गोलियां चला दीं।​

दोनों घायल आरोपियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ इलाज के बाद तीनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वे आगे किस वारदात को अंजाम देने जा रहे थे, किन–किन मामलों में पहले शामिल रहे हैं और क्या किसी बड़े गैंग या बाहरी नेटवर्क से भी जुड़े हैं।​

 घटना के बाद एक–के–बाद–एक पुलिस की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर क्राइम ज़ोन घोषित कर दिया गया। CIA‑2, स्थानीय पुलिस और FSL की संयुक्त टीम नापतौल, फोटो–वीडियो डॉक्यूमेंटेशन और सबूतों की पैकिंग की प्रक्रिया में जुटी दिखी, ताकि केस को तकनीकी और कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सके।​

यह मुठभेड़ खुले हाईवे कॉरिडोर के बिल्कुल पास हुई, जो इस बात का संकेत है कि गैंगस्टर्स कितने बेखौफ होकर घूम रहे थे और समय रहते कार्रवाई न होती तो वे किसी नई वारदात को अंजाम दे सकते थे। चैनल की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध बाइकों या हथियारबंद युवकों को देखकर तत्काल पुलिस या CIA‑2 को सूचना दें, जिससे इस तरह के अपराधों को पहले ही रोकने में मदद मिल सके।

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