हरियाणा के करनाल जिले के बुनियादी ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। शहर के चारों ओर यातायात को सुगम बनाने और नेशनल हाईवे पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए बनाया जा रहा ‘रिंग रोड’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। लगभग 1700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, करनाल के उपायुक्त (डीसी) और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्राउंड जीरो पर पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने रिंग रोड के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में जो भी छोटी-मोटी कमियां या लंबित कार्य बचे हैं, उन्हें अगले 2 से 4 महीनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य करनाल शहर के भीतर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना और लंबी दूरी के वाहनों को शहर के बाहर से ही निकालने का रास्ता प्रदान करना है। विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस विशालकाय प्रोजेक्ट को करनाल और विशेष रूप से घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत किया।
प्रोजेक्ट की तकनीकी बारीकियों पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों के साथ रैंप, सर्विस लेन और राइट ऑफ वे (Right of Way) जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी जमीन अधिग्रहण या निर्माण संबंधी तकनीकी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें नीतिगत स्तर पर हल किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बजट सत्र के बाद वे इस पूरे प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री और नेशनल हाईवे के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि आवश्यक बजट और नियमों में ढील सुनिश्चित की जा सके।
यह रिंग रोड न केवल यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, इसके निर्माण के बाद पूरे क्षेत्र में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह हाईवे करनाल के कुटेल और कंबोपुरा गांवों से शुरू होकर विवान होटल के पीछे झिंझड़ी गांव के पास तक निकलेगा, जिसमें इंद्री और घरौंडा के कई ग्रामीण क्षेत्र शामिल होंगे।
विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासन स्थानीय किसानों की समस्याओं के प्रति भी संवेदनशील नजर आया। रिंग रोड के निर्माण के कारण कुछ स्थानों पर किसानों को आ रही दिक्कतों और उनके चल रहे धरने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की सभी जायज मांगों को सुना जाएगा और उनका उचित समाधान निकाला जाएगा ताकि हाईवे के पूर्ण होने के बाद किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने या अन्य कार्यों में कोई असुविधा न हो। फिलहाल, निर्माण की रफ्तार को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही महीनों में करनाल वासियों को इस आधुनिक रिंग रोड की सौगात मिल जाएगी, जिससे सफर न केवल छोटा होगा बल्कि सुरक्षित और आरामदायक भी बनेगा।
Ground Report by Kamal Midha