March 13, 2026
13 March 10

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से करनाल के कलवेड़ी गांव स्थित प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान ‘बाबा रामदास विद्यापीठ’ ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान स्कूल के 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को उनके शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए लाखों रुपये की नकद पुरस्कार राशि (कैश प्राइज) प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस समारोह ने न केवल बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी गर्व के क्षण पैदा किए।

सम्मानित होने वाले मुख्य अचीवर्स में साइंस स्ट्रीम की छात्रा सान्वी का नाम सबसे ऊपर रहा, जिन्होंने 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए स्कूल प्रबंधन ने उन्हें 3 लाख रुपये का बड़ा चेक प्रदान किया। सान्वी ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के निरंतर समर्थन और विद्यालय के अनुशासित वातावरण को दिया। वहीं, आर्ट्स स्ट्रीम की छात्रा एंजल ने 91 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और उन्हें 2 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा गया। विद्यालय में तीसरे स्थान पर रहे तेजस, जिन्होंने 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। तेजस, जो यूकेजी कक्षा से इसी विद्यालय के छात्र रहे हैं, ने बताया कि विद्यालय का बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा का स्तर ही उनकी सफलता का मुख्य आधार बना।

समारोह के दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष श्री सदानंद अहूजा जी की स्मृति में मेधावी छात्रों को दिया जाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे समाजसेवक संजय अहूजा ने न केवल टॉपर्स को सम्मानित किया, बल्कि उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रतिवर्ष विद्यालय के 11 जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। उनका मानना है कि वर्तमान युग में शिक्षा ही प्रगति का एकमात्र मार्ग है और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना समाज का दायित्व है।

विद्यालय के संचालक वैद्य देवेंद्र बत्रा, जो स्वयं समाज सेवा में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, ने समारोह में पहुंचे सभी अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये की यह धनराशि केवल एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य में एक निवेश है। इस राशि का उपयोग छात्र अपनी आगे की उच्च शिक्षा, सेमेस्टर फीस या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे एनडीए (NDA) आदि में कर सकेंगे। समारोह में मौजूद अभिभावकों ने भी स्कूल की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी धनराशि किसी भी अन्य विद्यालय में प्रोत्साहन के रूप में नहीं दी जाती।

पुरस्कार वितरण के साथ-साथ विद्यालय में नन्हे बच्चों के लिए ‘ग्रेजुएशन सेरेमनी’ का भी आयोजन किया गया। बड़े भाई-बहनों को लाखों के पुरस्कार मिलते देख छोटे बच्चों के मन में भी भविष्य में बेहतर करने की प्रेरणा जगी। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और वे मानसिक रूप से अधिक सशक्त बनते हैं। कुल मिलाकर, बाबा रामदास विद्यापीठ का यह प्रयास करनाल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति एक नई अलख जगाने वाला साबित हो रहा है।

Ground Report By Bhavya Narang

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