साहेब श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के ३५० साला शहीदी शताब्दी को मनाने के लिए 23 नवंबर को एक विशेष आयोजन डेरा कार सेवा, कलंदरी गेट करनाल में रखा गया है जहाँ गुरु साहेब की सम्पूर्ण वाणी का अखंड कीर्तन सुबह 8 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा।
इक ओअंकार मीडिया द्वारा बाबा सुखा सिंह डेरा कार सेवा के मार्गदर्शन में, इंटरनेशनल सिख फोरम, गुरुद्वारा कमेटियों व सिख संस्थाओं के सहयोग से आयोजित होने जा रहे इस महान गुरमत समागम में गुरु तेग़ बहादुर जी द्वारा 15 रागों में उच्चारित 59 शब्दों व 57 श्लोकों का कीर्तन होगा व तत्पश्चात सम्पूर्ण बानी की सार रूप में कथा सिंह साहेब ज्ञानी हरपाल सिंह, फतेहगढ़ साहिब वालों द्वारा की जाएगी।
समागम में सिख पंथ के सर्वोच्च आस्थान सचखंड श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई भूपिंदर सिंह, हजूरी रागी भाई जबरतोड़ सिंह के साथ साथ भाई गुरदेव सिंह ऑस्ट्रेलिया वाले व भाई जगमोहन सिंह पटियाला वाले गुरु कीर्तन द्वारा संगत को निहाल करेंगे। बाबा सुखा सिंह ने इलाका निवासी साध संगत से परिवारों सहित समागम में शामिल होने का आवाहन किया है।
इस संबंध में आज डेरा कार सेवा में बाबा सुखा सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इक ओअंकार मीडिया के प्रबंध निदेशक प्रीतपाल सिंह पन्नु में जानकारी देते हुए बताया कि “तेग़ बहादुर सिमरिये, घर नौ निध आवे धाये” के महावाक के अनुसार गुरु तेग़ बहादुर जी के सिमरन मात्र से सब सुख प्राप्त होते हैं, ऐसे में उनकी सम्पूर्ण बानी के अखंड कीर्तन जाप से जुड़कर करनाल की संगत गुरु साहेब की ख़ुशियाँ प्राप्त करेगी।
पूरे देश और दुनिया में शहीदी शताब्दी को समर्पित आयोजनों की कड़ी में यह पहला ऐसा विशेष आयोजन है जिसमे सम्पूर्ण बानी का कीर्तन पंथ प्रसिद्ध रागियों द्वारा किया जाएगा।
समागम में भाई सुखविंदर सिंह कंगरा पानीपत, भाई बलविंदर सिंह गुरुद्वारा मंजी साहिब, भाई बलविंदर सिंह जुंडला, भाई इंद्रजीत सिंह गुरुद्वारा सुखमनी साहिब, भाई रविन्द्र सिंह निमाना गुरुद्वारा प्रेम नगर, भाई तेजिंदर सिंह गुरुद्वारा गुरु तेग़ बहादुर, भाई गुरसेवक सिंह गुरुद्वारा मॉडल टाउन व भाई हरप्रीत सिंह गुरुद्वारा राम नगर भी कीर्तन की हाजरी भरेंगे।
प्रेस वार्ता में गुरतेज़ सिंह खालसा ने बताया कि समागम में विशेष रूप से भाई चरणजीत सिंह जी भी शामिल होंगे जो गुड़ी तेग़ बहादुर जी के साथ शहीद होने वाले भाई मति दास जी की नौवीं पीड़ी और गुरु हरगोबिंद साहिब जी के महान सिख भाई परागा जी की तेरहवीं पीड़ी हैं।
23 नवंबर को सुबह 8 बजे शुरू होने जा रहे समागम में सुबह से लेकर रात तक गुरु का लंगर अटूट बरतेगा व गुरु साहेब के जीवन इतिहास पर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ताकि भावी पीड़ी को गुड़ इतिहास की सही जानकारी मिले।