February 6, 2026
18 Nov 14

करनाल: हरियाणा पुलिस की छवि पर सवाल उठाने वाला एक और मामला करनाल से सामने आया है, जहां कुंजपुरा थाने में तैनात एक ईएसआई (सब इंस्पेक्टर) राजकुमार को 35 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (पूर्व विजिलेंस) की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। शिकायत के आधार पर बिछाए गए ट्रैप के बाद यह कार्रवाई की गई और आरोपी पुलिसकर्मी को ब्यूरो के दफ्तर लाकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है।​

नाम काटने के बदले मांगी थी रिश्वत

सूचना के अनुसार, ईएसआई राजकुमार किसी मामले में किसी व्यक्ति का नाम काटने/वापस लेने के बदले कथित रूप से रिश्वत की डिमांड कर रहा था। शिकायतकर्ता ने इस दबाव की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी, जिसके बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय स्थान पर जैसे ही 35,000 रुपये की राशि राजकुमार को दी गई, टीम ने उसे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया।​

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मौके से 35 हज़ार रुपये बरामद होने की पुष्टि की गई है, जबकि कुल कितनी रकम की मांग की गई थी और पहले कितनी राशि ली जा चुकी थी, यह जांच का विषय है।​

एंटी करप्शन ब्यूरो दफ्तर में ले जाकर शुरू हुई पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद ईएसआई राजकुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो के करनाल स्थित दफ्तर लाया गया। यहां उससे यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है कि:​

  • किस मामले में नाम काटने की बात चल रही थी,

  • कितनी रकम की कुल डिमांड की गई थी,

  • क्या इस पूरी डील में कोई और पुलिसकर्मी या व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।​

रकम की डिमांड, संबंधित केस की पूरी डिटेल और संभावित मिलीभगत को लेकर ब्यूरो की टीम दस्तावेज़ और बयान जुटा रही है।​

“सेवा, सुरक्षा, सहयोग” के नारे के बीच रिश्वत का दाग

हरियाणा पुलिस का नारा “सेवा, सुरक्षा, सहयोग” देने वाले पुलिसकर्मी जब खुद रिश्वत लेते पकड़े जाते हैं, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। ईएसआई राजकुमार काफ़ी समय से कुंजपुरा थाने में तैनात बताया गया है, और शिकायत मिलने के बाद ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने यह कार्रवाई की।​

घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग के अंदर मौजूद भ्रष्टाचार पर सख्त और लगातार कार्रवाई की ज़रूरत को उजागर किया है, ताकि संदेश जाए कि वर्दी में रहते हुए भी रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।​

आगे की कानूनी कार्रवाई

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम राजकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। केस से जुड़े दस्तावेज, शिकायतकर्ता के बयान और ट्रैप की पूरी वीडियो–रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में संकलित की जा रही है।​

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या यह सिर्फ एक व्यक्ति की रिश्वतखोरी का मामला है या किसी बड़े नेटवर्क/रैकेट का हिस्सा, लेकिन फिलहाल 35 हज़ार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए ईएसआई राजकुमार की गिरफ्तारी करनाल में एंटी करप्शन ब्यूरो की एक अहम कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।

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