January 14, 2026
17 Nov 4

करनाल–इंद्री रोड बना ‘डेंजर रोड’, डिवाइडर से टकराकर पलटी कार, दो युवक घायल; सड़क की खस्ता हालत और रोशनी के अभाव से रोज़ाना मंडरा रहा खतरा

करनाल: करनाल–इंद्री रोड पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई, जिससे कार में सवार दो युवक घायल हो गए। दोनों युवक करनाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उन्हें डायल 112 की टीम द्वारा गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार उनकी जान बच गई, यह बड़ी गनीमत रही।​

डिवाइडर से टकराकर पलटी कार, सामने से आई गाड़ी को बचाने में बिगड़ा संतुलन

रिपोर्ट के अनुसार, कार करनाल से इंद्री की तरफ जा रही थी और इंद्री से पहले सड़क पर बने डिवाइडर के ऊपर चढ़कर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी अनिल कुमार ने बताया कि गांव की तरफ से एक गाड़ी अचानक सड़क पर आ गई, “उसने न आगे देखा, न पीछे”, उसे बचाने के चक्कर में कार का बैलेंस बिगड़ गया और वह डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। कार का आगे का शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अंदर बैठे दोनों युवकों को कितनी चोटें आई होंगी।​

“हर रोज़ हादसे होते हैं, सड़क खत्म हो चुकी है” – स्थानीय निवासी

अनिल कुमार ने सड़क की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंद्री से करनाल तक सड़क “बिल्कुल खराब” हो चुकी है, जगह–जगह गड्ढे हैं, सड़क कटी–फटी और अनबैलेंस हो चुकी है। उनका कहना था, “मुझे लगता है हर रोज़ यहां हादसे होते होंगे, हर रोज़ हादसे होते हैं इधर से… सड़क पर खड्डे ही खड्डे हैं, सड़क बिल्कुल खत्म है।” उन्होंने यह भी बताया कि यहां जानवरों (कुत्ते–बिल्ली आदि) के अचानक बीच में आ जाने से भी कई बार एक्सीडेंट हो जाते हैं और बड़े ट्रैक्टर–ट्रालों के लिए भी यह रोड बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।​

न स्ट्रीट लाइट, न स्पीड ब्रेकर, रात को ‘गहरा अंधेरा’

रिपोर्ट में साफ दिखाया गया कि पूरे डिवाइडर पर एक भी रोड लाइट का खंभा नहीं लगा हुआ। डिवाइडर पर एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं दिखती, “अगर आप इस रोड से गुजर रहे हैं तो सावधानी बरतिएगा, सावधान रहिएगा अगर आपको अपनी जान प्यारी है।” अनिल कुमार ने भी कहा कि रोड लाइट बिल्कुल नहीं है, “रात को अंधेरा छाया रहता है”, ऐसे में यदि किसी वाहन की लाइट में थोड़ी भी समस्या हो तो चालक के लिए सड़क को मैनेज करना और मुश्किल हो जाता है।​

स्पीड ब्रेकर की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। डिवाइडर के बीच जो क्रॉसिंग पॉइंट है, वहां कोई स्पष्ट स्पीड ब्रेकर नहीं है, न ही चेतावनी के लिए कोई स्पीड लाइट या साइनबोर्ड है, जिससे दुर्घटना की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं।​

खुरदरी और ऊबड़–खाबड़ सड़क, ‘डेंजर रोड’ का टैग

रिपोर्ट में दो लेन का सीधा तुलना करते हुए दिखाया गया कि एक साइड की सड़क अपेक्षाकृत साफ और समतल है, जहां वाहन आराम से चल सकते हैं, जबकि दूसरी साइड – जिस पर गाड़ी पलटी – पूरी तरह खुरदरी, गड्ढों से भरी और उबड़–खाबड़ दिखाई देती है। संवाददाता ने इसे करनाल जिले का “डेंजर रोड” बताते हुए कहा कि “यह रोड आज से पहले ना जाने कितने लोगों को मौत के घाट उतार चुका है।”​

प्रशासन और सरकार पर सवाल

रिपोर्ट के दौरान संवाददाता ने सवाल उठाए कि जब इस रोड से रोज़ाना इतने लोग गुजरते हैं, हादसे होते हैं, जानें जाती हैं, तो “सरकारें कहां सोई हुई हैं, प्रशासन कहां सोया हुआ है?” उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति सड़क हादसे में अपनी जान गंवा देता है तो सरकारें परिवार को थोड़ा–बहुत मुआवजा देकर, दिलासा देकर चली जाती हैं, लेकिन क्या कभी यह कोशिश की जा रही है कि ऐसे हादसों के आंकड़े कम हों?​

लोगों से अपील – सावधानी बरतें, मुद्दा उठाएं

रिपोर्ट के अंत में संवाददाता ने करनाल, दिल्ली, यमुनानगर, पांवटा साहिब आदि की ओर जाने वाले सभी वाहन चालकों से अपील की कि अगर वे करनाल–इंद्री रोड से गुजरते हैं तो अतिरिक्त सावधानी बरतें, रफ्तार नियंत्रित रखें और सड़क की खस्ता हालत को ध्यान में रखते हुए ड्राइव करें। साथ ही लोगों से यह भी कहा गया कि इस मुद्दे को दूसरों तक पहुंचाएं और अपनी राय साझा करें, ताकि सड़क की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा इंतज़ाम की मांग मज़बूती से उठाई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.