पानीपत 16 जुलाई:
गीता यूनिवर्सिटी में फोरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट व पुलिस विभाग पानीपत के सयुंक्त तत्वाधान में द्वितीय वार्षिक पुलिस समिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यवक्ता सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट चंडीगढ़ के विशेषज्ञ गुरचरण सिंह ने पुलिसकर्मियों को वैज्ञानिक पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा तथा फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में नवाचार व छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्यातिथि डीएसपी सतीश वत्स, प्रो चांसलर अंकुश बंसल, वीसी डा मनोज मनुजा व पीवीसी डा गुलशन चौहान ने दिप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन फोरेंसिक साइंस विभाग के हेड डा जसकरण सिंह ने किया।
विशेषज्ञ गुरचरण सिंह ने साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों से रूबरू कराया। उन्होंने कहा की हर व्यक्ति डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर रहा है। ऐसे में साइबर अपराधियों के लिए लोगों को ठगी का शिकार बनाना आसान हो गया है। जागरूकता की कमी के चलते हम अनजान फोन कॉल को उठा लेते है। किसी लालच या डर के कारण हम साइबर ठगी का शिकार हो जाते है। इससे बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा दूसरा अपने डिजिटल पासवर्ड या फिर अपनी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना होगा।
इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन के तरीकों से रूबरू कराया। उन्होंने बताया पुलिसकर्मी विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराधी तक आसानी से बहून्छ सकते है। उन्होंने छात्रों व आम नागरिकों को साइबर क्राइम का शिकार होने की स्थिति में सूझबूझ से काम लेने व तुरंत इसकी शिकायत संबंधित थाना क्षेत्र में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए इस क्षेत्र में रोजगार के भरपूर अवसर मौजूद है।
इसमें विशेषज्ञता हासिल कर वे न केवल सरकारी नौकरियों में बल्कि निजी क्षेत्र में भी बेहतर अवसर पा सकते हैं। इस दौरान पुलिसकर्मियों व छात्रों ने विशेषज्ञ गुरचरण सिंह से सवालों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा को शांत किया। इस अवसर डीएसपी सतीश वत्स, प्रो चांसलर अंकुश बंसल, वीसी डा मनोज मनुजा, पीवीसी डा गुलशन चौहान व फोरेंसिक साइंस विभाग के हैड डा जसकरण सिंह भी उपस्थित रहे।
फोटो- गीता यूनिवर्सिटी में आयोजित पुलिस समिट में उपस्थित पुलिसकर्मी व विशेषज्ञ गुरचरण सिंह।