हरियाणा का करनाल शहर अपनी कृषि संपन्नता के साथ-साथ अब कृषि शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शहर की प्रतिष्ठित ‘आवर्स एकेडमी’ ने आगामी 15 मार्च को एक भव्य स्कॉलरशिप टेस्ट आयोजित करने की घोषणा की है। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान छात्रों को पहचानना और प्रोत्साहित करना है जो भविष्य में कृषि वैज्ञानिक (Agriculture Scientist) बनने का सपना देखते हैं। एकेडमी ने घोषणा की है कि जो छात्र इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उनकी ट्यूशन फीस पूरी तरह से माफ कर दी जाएगी।
कर्नाल में ओल्ड बस स्टैंड के निकट स्थित दुर्गा भवानी मंदिर परिसर में संचालित होने वाली इस एकेडमी के पास हिसार में 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। एकेडमी के करनाल ब्रांच के निदेशक और पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सज्जन सिंह ने बताया कि करनाल में एनडीआरआई (NDRI), आईआईडब्ल्यूबीआर (IIWBR) और सीएसएसआरआई (CSSRI) जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थान होने के बावजूद, यहाँ के स्थानीय बच्चों की भागीदारी कृषि वैज्ञानिकों के रूप में बहुत कम है। इसका मुख्य कारण उचित मार्गदर्शन और दिशा की कमी है। इसी कमी को दूर करने के लिए एकेडमी छात्रों को दसवीं कक्षा के बाद ही सही रास्ता दिखाने का प्रयास कर रही है।
डॉ. सज्जन सिंह, जिनके पास 35 वर्षों का वैज्ञानिक अनुभव है, ने कहा कि दसवीं के बाद छात्रों के पास चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार में छह साल के बीएससी एग्रीकल्चर प्रोग्राम में सीधे प्रवेश पाने का एक बेहतरीन मौका होता है। यह एक ऐसा कोर्स है जिसकी फीस बेहद कम है और जहाँ से निकलने वाले छात्रों के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में करियर की असीम संभावनाएं होती हैं। हाल के वर्षों में एचएयू (HAU) के छात्रों ने न केवल कृषि के क्षेत्र में, बल्कि यूपीएससी (UPSC) जैसी कठिन परीक्षाओं में भी बेहतरीन परिणाम दिए हैं। एकेडमी छात्रों को बीएससी एग्रीकल्चर (6 साल और 4 साल), वीएलडीए (VLDA), फिशरीज और डेरी टेक्नोलॉजी जैसे कोर्सेज की प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से तैयार करती है।
आगामी 15 मार्च (रविवार) को होने वाले स्कॉलरशिप टेस्ट में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। टेस्ट का समय सुबह 10:30 बजे निर्धारित किया गया है। छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन का एकेडमी में विशेष ध्यान रखा जाता है। सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलने वाली कक्षाओं के दौरान छात्रों के मोबाइल फोन काउंटर पर जमा कर लिए जाते हैं ताकि वे अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित रह सकें। इसके अलावा, छात्रों के आने और जाने की सूचना सीधे उनके अभिभावकों को दी जाती है।
कृषि क्षेत्र में करियर केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी बहुत मांग है। डॉ. सिंह ने बताया कि कृषि शिक्षा प्राप्त छात्र आईलेट्स (IELTS) जैसी परीक्षाओं के पारंपरिक रास्तों के बजाय अपनी वैज्ञानिक विशेषज्ञता के आधार पर विदेशों में पोस्ट-ग्रेजुएशन और शोध के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक मार्ग है जो विदेश में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इच्छुक छात्र और अभिभावक एकेडमी के हेल्पलाइन नंबर 9896098633 पर संपर्क करके अपना पंजीकरण करा सकते हैं। एकेडमी ने करनाल के सभी छात्रों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर कृषि के क्षेत्र में अपना और अपने शहर का नाम रोशन करें।