करनाल अब एक नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। शहर के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान राणा एकेडमी के कॉम्पिटिटिव विंग, मोशन कोटा करनाल ने विद्यार्थियों के लिए पुरस्कारों की एक ऐसी झड़ी लगा दी है, जिसकी चर्चा पूरे उत्तर भारत में हो रही है। संस्थान ने घोषणा की है कि जो भी विद्यार्थी उनके संस्थान से पढ़ाई कर जेईई (जेईई मेंस/एडवांस्ड) या नीट (NEET) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल करेगा, उसे पुरस्कार स्वरूप 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की लग्जरी गाड़ी, रेंज रोवर या डिफेंडर उपहार में दी जाएगी।
संस्थान के निदेशक जोगेंद्र राणा ने इस महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए बताया कि यह पुरस्कार केवल किसी रईस परिवार के बच्चों के लिए नहीं, बल्कि उस प्रतिभावान छात्र के लिए है जो अपनी मेहनत से देश के सबसे कठिन कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा। यदि विद्यार्थी गाड़ी नहीं लेना चाहता, तो उसे उतनी ही राशि का चेक भी प्रदान किया जा सकता है। यह कदम न केवल छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए है, बल्कि यह संदेश देने के लिए भी है कि करनाल अब कोटा जैसे बड़े कोचिंग हब को टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पुरस्कारों का सिलसिला केवल पहली रैंक तक ही सीमित नहीं है। संस्थान ने दूसरी रैंक हासिल करने वाले छात्र को 51 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि देने का वादा किया है। इसी तरह, ऑल इंडिया रैंक-3, 4 और 5 प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21-21 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, 6वीं से 10वीं रैंक तक आने वाले छात्रों को 11 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जोगेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि जो भी छात्र कॉलेज में प्रवेश के लिए चयनित होगा, उसे भी संस्थान खाली हाथ नहीं भेजेगा और प्रत्येक चयन पर विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए मोशन कोटा करनाल ने अपनी फैकल्टी और शिक्षण पद्धति में भी आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं। संस्थान का दावा है कि उनके पास आईआईटी बीएचयू, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े हुए शिक्षकों की एक धुरंधर टीम है। ये शिक्षक एनवी सर (नितिन विजय) द्वारा प्रशिक्षित हैं, जो कोटा की शिक्षा पद्धति के पर्याय माने जाते हैं। संस्थान का मानना है कि जब कोटा के स्तर की टीम और तकनीक करनाल में ही उपलब्ध होगी, तो स्थानीय बच्चों को घर छोड़कर दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल अभिभावकों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि बच्चे अपने परिवार के पास रहकर बेहतर मानसिक स्थिति में तैयारी कर सकेंगे।
आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। संस्थान ने 15 मार्च को एक भव्य स्कॉलरशिप टेस्ट आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस टेस्ट में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सोने के सिक्के (गोल्ड कॉइन) दिए जाएंगे। संस्थान के अनुसार, 25 मार्च से नियमित कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने पहले ही अपने प्रवेश सुरक्षित कर लिए हैं। निदेशक ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह की टीम और विद्यार्थी उनके साथ जुड़ रहे हैं, उन्हें पूरा विश्वास है कि ऑल इंडिया रैंक-1 का सपना करनाल की धरती से ही सच होगा।
यह पहल करनाल के शिक्षा जगत में एक नई प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा का संचार कर रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यहाँ के विद्यार्थी इन सुनहरे अवसरों का लाभ उठाकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के कितने नए झंडे गाड़ते हैं। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह पारदर्शी तरीके से इन पुरस्कारों का वितरण करेंगे और इसके लिए बाकायदा आधिकारिक दस्तावेज और प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।