करनाल जिले के धोलगढ़ गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के ही तालाब में एक 28 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता हुआ पाया गया। मृतक की पहचान गोल्डी के रूप में हुई है, जो पिछले चार दिनों से रहस्यमयी ढंग से लापता था। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस प्रशासन की विभिन्न टीमों ने मौके पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, गोल्डी होली वाले दिन गांव में ही एक शादी समारोह में शामिल होने गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गोल्डी अक्सर काम के सिलसिले में तीन-चार दिन घर से बाहर रहता था और उसके पास मोबाइल फोन भी नहीं था, जिसके कारण उन्होंने शुरुआत में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। उन्हें लगा कि वह अपने काम पर गया होगा। हालांकि, आज गांव के ही एक बच्चे ने तालाब में शव देखा, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिनाख्त गोल्डी के रूप में की।
परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। मृतक के भाई अमित का कहना है कि गोल्डी दिव्यांग था और वह खुद से तालाब में नहीं डूब सकता। उन्होंने दावा किया कि शव की कमर और शरीर के अन्य हिस्सों पर नीले निशान और चोट के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जो किसी भारी वस्तु या डंडे से किए गए प्रहार जैसे प्रतीत होते हैं। परिजनों को शक है कि होली की रात किसी के साथ झगड़ा या रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को तालाब में फेंक दिया गया।
सदर थाना के जांच अधिकारी तरसेम सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और डायल 112 की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। शव काफी फूल चुका है, जिसके कारण अभी चोट के निशानों की स्पष्ट पुष्टि करना मुश्किल है। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया है और मधुबन से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है। फॉरेंसिक टीम के निरीक्षण के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
फिलहाल, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या होली के दिन गोल्डी का किसी के साथ कोई विवाद हुआ था या यह महज एक दुखद हादसा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत डूबने से हुई है या उसे मारकर पानी में डाला गया था। गांव में तनावपूर्ण शांति को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है और ग्रामीणों से पूछताछ कर कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।