July 25, 2024

तरावड़ी/कीर्ति कथूरिया :   गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा है कि यह शरीर पूरी तरह से नश्वर है तथा मौत की कोई दवा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक इंसान को जीने का मौका मिलता है, तब तक उसे प्रभु भक्ति लीन ही रहना चाहिए।

क्योंकि मुक्ति का केवल एक ही मार्ग है और वह प्रभु सिमरण। वह आज पत्रकार फतेह चंद चावला के अचानक निधन पर उनके निवास पर परिवार को ढांढस बंधाने आए थे तथा उन्होंने वहां पर मौजूद लोगों को भक्ति का मार्ग दिखाते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत गीता इंसान के जीने का सार है।

भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से ही प्रत्येक मनुष्य का जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इंसान को अहंकार में कभी आना नहीं चाहिए। अहंकार बुद्धि को हर लेता है और बुद्धि को हरने के बाद इंसान का विवेक खत्म हो जाता है। यही विलुप्त होने का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि अपने जीते जी इंसान को सद्गुरुओं की शरण में ही रहना चाहिए। सद्गुरु की शरण में रहने पर जीवन के प्रकाश का हमेशा उदयमान होता है। क्योंकि गुरु अपने शिष्य को कभी भी भटकने नहीं देते। यदि वह भटक भी जाए तो गुरु शिष्य को प्रभु की राह पर ले आता है।

स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि जीवन में इंसान को कभी नहीं भूलना चाहिए कि मृत्यु ही अटल सत्य है। उन्होंने एक वैद का जिक्र करते हुए कहा कि एक वैद के हाथ में बड़ी सफा था और उसकी दवाई की एक ही पूडिय़ा से लोगों को आराम मिलता था। लेकिन एक दिन वैद का बेटा ही बीमार पड़ गया। लाख चाहने पर भी वैद अपने बच्चे को बचा नहीं पाया।

बेटे की मौत के बाद वैद के मन में अचानक कटुता आ गई और उसने कहा कि अब वह लोगों को दवाई की पूडिय़ा नहीं देगा। लेकिन अचानक यमराज ने वहां पहुंचकर संकेत दिया कि हे वैद राज हमने आपकी पूडिय़ा आपके बेटे के हलक से नीचे ही उतरने नहीं दी। क्योंकि यदि वह पूडिय़ा हलक के नीचे चली जाती तो अपका बेटा भी बच जाता। लेकिन आपके बेटे का अंतिम समय नजदीक था।

इसलिए वह बच नहीं पाया। यमराज ने वैद को समझाया कि मौत की कोई दवा नहीं होती और ना ही आज तक मौत से कोई बच पाया है। तब कहीं जाकर वैद के मन में रोशनी उजागर हुई और उसने लोगों को फिर से दवाई की पूडिय़ा देनी आरंभ कर दी। स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि आप भगवान से फल की इच्छा कभी मत करें।

आप केवल कर्म करें, क्योंंकि धर्म करने पर भगवान से मांगना पड़ता और कर्म करने पर भगवान को देना पड़ता है। यही सच भी है। इसलिए हमेशा सद्मार्ग पर चलें। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता बृज गुप्ता, नपा अध्यक्ष वीरेन्द्र बंसल, वेद सलूजा, अमरजीत बाजवा, तिलक राज, सुरेंद्र रहेजा, हेमन्त रहेजा, राजीव गाबा, दिनेश भाटिया, नीरज डेमला के अलावा चावला परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।

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