हरियाणा के करनाल जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जो समाज और प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शहर के शुगर मिल क्षेत्र का रहने वाला 18 वर्षीय गौरव पिछले तीन महीनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। गौरव दिमागी रूप से कमजोर है और उसका इलाज एक निजी डॉक्टर के पास चल रहा था। अपने जवान बेटे की तलाश में एक लाचार पिता ने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी, अपना घर और प्लॉट तक बेच दिया है, लेकिन बेटे का कोई सुराग नहीं मिल सका है। आज वह पिता दाने-दाने को मोहताज होकर एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है और मीडिया के माध्यम से अपने बेटे को वापस पाने की गुहार लगा रहा है।
लापता गौरव के पिता बृजेश (जिन्हें परिवार में श्रेयश के नाम से भी जाना जाता है) ने रुंधे गले से आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि घटना वाली रात करीब 3 बजे गौरव अचानक सोकर उठा और उसने अपने पिता से बीड़ी मांगी। पिता के मना करने पर वह बिना कुछ कहे घर के मुख्य गेट से बाहर निकल गया। पिता ने उसका पीछा करने की कोशिश की, उसे खेतों और रेलवे स्टेशन तक तलाशा, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वह कहीं ओझल हो गया। गौरव पहले भी एक बार घर से निकला था और करीब 15 दिन बाद खुद ही वापस लौट आया था, लेकिन इस बार तीन महीने बीत जाने के बाद भी उसकी कोई खबर नहीं है।
बृजेश ने बताया कि गौरव का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और वह अजीबोगरीब हरकतें करता था। कभी वह सांप पकड़ लेता था तो कभी केंचुए। स्कूल जाने के बजाय वह घर के काम में हाथ बंटाता था और पशुओं के लिए चारा लाता था। पिता का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर सेक्टर-13 स्थित पुलिस थाने गए, तो वहां से उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “बच्चा है, खुद ही भाग गया है और खुद ही वापस आ जाएगा।” पुलिस की इस कथित बेरुखी ने परिवार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया, जिसके बाद पिता ने स्वयं ही अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की।
बेटे को ढूंढने के जुनून में इस गरीब परिवार ने अपनी सारी संपत्ति गंवा दी है। पिता ने बताया कि उन्होंने अपना प्लॉट और रहने वाला घर तक बेच दिया ताकि बेटे की तलाश के लिए पैसे जुटा सकें। अब वे एक अस्थाई झोपड़ी (झुग्गी) में गुजर-बसर कर रहे हैं। गौरव की मां भी बेटे के वियोग में गंभीर रूप से बीमार हो गई हैं। बुजुर्ग पिता, जिनकी आंखों की रोशनी भी चश्मे के बावजूद कम हो गई है, दिन-रात सड़कों पर अपने बेटे की फोटो लेकर घूम रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं उनके बुढ़ापे का सहारा उनसे हमेशा के लिए न छिन जाए।
लापता होने के समय गौरव ने सफेद जैकेट या चेक वाली शर्ट और ग्रे पैंट पहनी हुई थी। वह नंगे पांव ही घर से निकला था। पिता का कहना है कि यद्यपि वह मानसिक रूप से कमजोर है, लेकिन वह अपना और अपने परिवार का नाम बता सकता है। परिवार ने एक हेल्पलाइन नंबर 948587925 जारी किया है और जनता से अपील की है कि यदि कोई भी गौरव को देखे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत सूचित करें। इस मार्मिक अपील ने करनाल के स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, और अब उम्मीद की जा रही है कि सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से गौरव का पता चल पाएगा।