गुरुद्वारा पंजा साहेब जहाँ गुरु नानक देव जी ने एक अहंकारी वली कंधारी का तोड़ा था अहंकार

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करनाल की धरती पर गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान मँजी साहेब से पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देने के लिए 20 जुलाई को शुरू हुई गुरु नानक सद्भावना यात्रा का चौथे दिन पाकिस्तान के हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहेब में स्थानीय साध संगत व गुरुद्वारा कमेटी द्वारा सम्मान किया गया व इस नेक उद्देश्य की पूर्ति के लिए गुरु चरणो में अरदास की गयी। गुरुद्वारा पंजा साहेब जहाँ गुरु नानक देव जी ने एक अहंकारी वली कंधारी का अहंकार तोड़ा था।

गुरुद्वारा पंजा साहेब का विहंगम दृश्य

गुरु जी के साथी भाई मरदाना को प्यास लगी तो गुरु जी ने उसे वली कंधारी जिसका ऊँची पहाड़ी पर पानी के स्त्रोत पर क़ब्ज़ा था, से पानी लेने भेजा। वली कंधारी ने पानी देने से मना कर दिया। जब गुरु जी ने दोबारा फिर मरदाने को पानी के लिए भेजा तो अहंकारी वली कंधारी ने ग़ुस्से में एक बड़ी चट्टान पहाड़ से गुरु जी व भाई मरदाने को मारने के लिए फेंक दी। गुरु जी ने अपनी दैविक ताक़त से परमात्मा का नाम लेते हुए उस चट्टान को अपने हाथ से रोक दिया व उसी चट्टान के नीचे से पानी का चश्मा पैदा कर दिया।

गुरुद्वारा पंजा साहेब में चट्टान पर गुरु नानक देव जी के पंजे के निशान
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वली कंधारी के चश्मे का पानी सूख गया जो आज भी सूखा है लेकिन उस पत्थर जिस पर गुरु जी के पंजे का निशान आज भी मौजूद है के नीचे से एक नहर की तरह पानी निकलता है जिससे पूरे हसन अब्दाल शहर को पानी मिलता है। सभी धर्मों के लोग इस पवित्र जल में स्नान भी करते हैं ओर इसे पीते भी हैं। यात्रा दल की ओर से आज पंजा साहेब का पानी भी लिया गया जिसे ननकाना साहेब की मिट्टी के साथ पूरे रूट में 100 शहरों में लगने वाले 55000 पौषों को सींचने के लिए किया जाएगा।

गुरुद्वारा पंजा साहेब के मुख्य ग्रंथी को सम्मानित करते हुए

इस पावन अस्थान गुरुद्वारा पंजा साहेब में मुख्य ग्रंथी भाई कुलबीर सिंह व गुरुद्वारा कमेटी के अन्य सदस्यों ने सिरोपा व प्रशाद देकर बाबा सुखा सिंह डेरा कार सेवा करनाल, निफ़ा चेयरमैन प्रीतपाल सिंह पन्नु, शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया के संगठन सचिव तरनपाल सिंह, कोषाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह खालसा, निफ़ा के सलाहकार अजीत सिंह चावला, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरमिंदर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र नरवाल, करनाल से ज़िला अध्यक्ष रणजीत सिंह बिलोना व इंद्री से निफ़ा प्रधान जगतार सिंह को आगे के सफ़र के लिए शुभकामनाएँ दी ओर उम्मीद ज़ाहिर की कि गुरु जी के द्वारा तय किए गये यात्रा मार्ग से उनके पवित्र स्थानो की मिट्टी व पानी लाकर यात्रा के अंत में सरहद के दोनो और सुल्तानपर लोधी व करतारपुर साहेब में पेड़ लगाने से दोनो देशों के मध्य तल्ख़ी कम होगी व गुरु नानक देव जी का 550वाँ प्रकाश पूरब नए सम्बन्धों की नीव रखेगा। यात्रा के साथियों की ओर से बाबा सुखा सिंह व प्रीतपाल सिंह पन्नु ने गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी व प्रबंधकों को एक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

गुरुद्वारा पंजा साहेब में सभी यात्रियों का सिरोपे व प्रसाद से सम्मान

यात्रा के संयोजक प्रीतपाल सिंह पन्नु ने यात्रा के दौरान मिलने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को बताया कि पाकिस्तान के प्रथम प्रधान मंत्री लियाक़त अली खान करनाल से थे व आज भी उनका पुश्तैनी घर करनाल में मौजूद है, जिसे सुनकर पाकिस्तान के मुस्लिम बहुत हैरान व ख़ुश हुए।

गुरुद्वारा चोआ साहेब के बाहर

आज यह यात्रा पंजा साहेब से रवाना होकर क़िला रोहतास में सिख पंथ की धर्म माता साहेब कौर के जनम स्थान व गुरु नानक देव जी के गुरुद्वारे चोआ साहेब से होकर करतारपुर साहेब पहुँचेगी जहाँ नए कोरिडोर के लिए चल रहे सेवा कार्यो का अवलोकन भी किया जाएगा व गुरु घर के दर्शन किए जाएँगे।





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