डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नगर निगम की ओर से शहर के सेक्टर-16 से फोगिंग की की गई शुरूआत, मच्छर जनित बीमारियों पर रोकथाम के लिए हाई रिस्क एरिया किए जाएंगे कवर-नगर निगम आयुक्त विक्रम।

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  • डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नगर निगम की ओर से शहर के सेक्टर-16 से फोगिंग की की गई शुरूआत,
  • मच्छर जनित बीमारियों पर रोकथाम के लिए हाई रिस्क एरिया किए जाएंगे कवर-नगर निगम आयुक्त विक्रम।
  • निगमायुक्त की नागरिकों से अपील-घर के आस-पास इकठ्ठा न होने दें पानी,
  • छतों पर रखी बेकार वस्तुओं में पानी न होने दें जमा।    

कोरोना से जूझ रही मानवता के बीच नगर निगम की ओर से शहर में डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए फोगिंग करने की एक अच्छी पहल की गई है। सोमवार से ही सेक्टर 16 से इसकी शुरूआत हो गई है।

नगर निगम आयुक्त विक्रम ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों में डेंगू एक जानलेवा बीमारी है। समय पर और उपयुक्त ईलाज से हालांकि रोगी ठीक हो सकता है, लेकिन डेंगू से बचाव के लिए सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

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उन्होंने बताया कि नगर निगम के फोगिंग के लिए 6 मशीने उपलब्ध हैं, जबकि दवाई स्वास्थ्य विभाग मुहैया करवाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फोगिंग हर जगह नहीं होगी, बल्कि हाई रिस्क एरिया और जहां से भी मच्छर या डेंगू के रोगी मिलने की शिकायत आएगी, वहां अवश्य करेंगे।

उन्होंने शिव कॉलोनी, आर.के. पुरम, कर्ण विहार, जुण्डला गेट, सेक्टर-6, दुर्गा कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और हांसी रोड जैसी जगहों को हाई रिस्क करार दिया। हर जगह फोगिंग न करने के पीछे उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना के चलते लोगों को स्वच्छ हवा और पर्याप्त ऑक्सीजन मिलनी चाहिए। फोगिंग के धुएं से विशेषकर बुजुर्गों और अस्थमा के रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

उन्होंने शहर की जनता से भी अपील की है कि फोगिंग का हालांकि मनुष्य के स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन जहां भी फोगिंग हो धुएं से बचाव की एहतियात बरतनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की है कि डेंगू का मच्छर खड़े पानी में पैदा होता है, इसे देखते अपने घर के आस-पास पानी ज्यादा देर तक इकठ्ठा न होने दें।

पौधों के गमले और कूलर को खाली कर उसकी सफाई भी करते रहें। छतों पर पड़ी बेकार वस्तुओं में भी पानी को जमा न होने दें। पानी की टंकियों को भी समय-समय पर साफ करें। यदि किसी व्यक्ति को मलेरिया या डेंगू से बुखार हो जाए, तो सबसे पहले टैस्ट करवाएं और डेंगू या मलेरिया का पता लगते ही तुरंत उसका ईलाज शुरू कर दें।





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