- काम बंद करने की चेतावनी दी, डीसी के माध्यम से हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : करनाल जिले की अनाज मंडियों में व्यापारियों की करीब 65 करोड़ रुपए की आढ़त बकाया होने से आढ़तियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। धान सीजन खत्म हुए करीब 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
मंगलवार को आढ़तियों ने जिला सचिवालय पहुंचकर डीसी के माध्यम से हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा और जल्द भुगतान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आढ़त नहीं मिली तो आगे काम बंद कर देंगे।
आढ़तियों ने मंगलवार को एकजुट होकर जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
धान की आढ़त अब तक नहीं मिली
तरावड़ी अनाज मंडी के प्रधान सुभाष गुप्ता ने बताया कि यह समस्या केवल करनाल की नहीं बल्कि पूरे हरियाणा की है। करनाल की मंडियों में धान बिक्री के बाद मिलने वाली आढ़त अभी तक नहीं दी गई है, जबकि सीजन खत्म हुए 5 महीने हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार हर फसल पर ढ़ाई प्रतिशत आढ़त मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार 15 रुपए प्रति क्विंटल कम दे रही है। जब सरकार खुद अपने नियमों का पालन नहीं करेगी तो व्यापार कैसे चलेगा।
1 अप्रैल से गेहूं खरीद, तैयारी अधूरी
सुभाष गुप्ता ने कहा कि 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है, लेकिन अभी तक मंडियों में बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे किसानों और आढ़तियों दोनों को परेशानी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि बारदाना नहीं होगा तो लोडिंग कैसे होगी और किसान कहां इंतजार करेगा। ऐसे हालात में गेहूं खुले में पड़ा रहने का खतरा है।
मंडी में सफाई और लाइट व्यवस्था भी खराब
आढ़तियों ने मंडियों में सफाई व्यवस्था और लाइट की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी तैयारियों के दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात ठीक नहीं हैं।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
सुभाष गुप्ता ने कहा कि वे भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता हैं, लेकिन जब रोजी-रोटी का सवाल आता है तो आवाज उठाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बकाया आढ़त जल्द जारी की जाए और गेहूं खरीद से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।