- सीनियर मैनेजर की गिरफ्तारी और चार अफसर बर्खास्त होने बाद बढा जांच का दायरा
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : जिले में करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र की गिरफ्तारी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चार अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब जिले की अनाज मंडियों में सक्रिय आढ़तियों की सूची तैयार की जा रही है।
अब तक की जांच में यह तो साफ हो चुका है कि मंडियों में धान की खरीद के लिए फर्जी गेट पास जारी किए गए। इन गेट पास के आधार पर कागजों में धान की खरीद दर्शाई गई, जबकि वास्तविकता में किसानों से कोई खरीद नहीं हुई। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने में आढ़तियों की अहम भूमिका रही, क्योंकि धान की खरीद उनके माध्यम से ही दिखाई गई है।
जिले की पांच अनाज मंडियों के 15 से 20 आढ़तियों की सूची तैयार कर रही है
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जिले की पांच अनाज मंडियों के 15 से 20 आढ़तियों की सूची तैयार कर रही है। इन सभी को जल्द ही पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता है। जांच में यदि उनकी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आढ़तियों से पूछताछ के बाद घोटाले की परतें और खुल सकती हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिन तीन इंस्पेक्टरों को सेवा से बर्खास्त किया है
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिन तीन इंस्पेक्टरों को सेवा से बर्खास्त किया है, उनके आदेशों में स्पष्ट उल्लेख है कि उनकी आईडी का उपयोग कर मंडियों में धान के गेट पास काटे गए। इससे यह संकेत मिलता है कि घोटाले को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मिलकर अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले में राइस मिलरों की भूमिका पहले ही सामने आ चुकी है।
कागजों में फर्जी लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया
आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला की सात राइस मिलों में मंडियों से धान भेजे जाने का रिकॉर्ड दर्शाया गया है। यह धान अनाज मंडी प्रतापनगर, छछरौली, व्यासपुर, रणजीतपुर और सरस्वतीनगर से खरीदा हुआ दिखाया गया, जबकि हकीकत में किसानों से कोई खरीद नहीं हुई थी। कागजों में फर्जी लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। हैफेड के सीनियर मैनेजर की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई के बाद जांच में तेजी आई है। प्रशासनिक सख्ती के संकेत मिलते ही अब मंडियों से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। एसआईटी की टीमें लगातार रिकॉर्ड खंगाल रही हैं और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में एक के बाद एक कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आढ़तियों पर कार्रवाई की आहट से मंडी कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है
आढ़तियों पर कार्रवाई की आहट से मंडी कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। यदि जांच इसी तरह आगे बढ़ती रही, तो यह घोटाला और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा होना तय है। आढ़तियों की नींद इसलिए भी उड़ी है कि इधर गेहूं खरीद का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में जेल की हवा खानी पड़ी तो कारोबार पर असर पड़ सकता है।
वर्जन
धान घोटाले की गहनता से जांच की जा रही है। इसमें अधिकारियों से लेकर आढ़तियों और अन्य सभी आरोपी कोई भी हो सकता है। जिसकी जो भी भूमिका होगी उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
राजीव मिगलानी, डीएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज।