हरियाणा के करनाल जिले के अंतर्गत आने वाले इंद्री क्षेत्र में उस समय सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय नहर से भारी संख्या में गौ-वंश के अवशेष बरामद हुए। यह घटना केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि लगातार दूसरे दिन इसी तरह की बर्बरता सामने आने के बाद ग्रामीणों और गौ-रक्षकों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित लोगों ने इंद्री के मुख्य बस स्टैंड के समीप सड़क के बीचों-बीच बैठकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, कल सुबह इंद्री की नहर से करीब 10 से 12 गौ-वंश के कटे हुए सिर और अवशेष मिले थे। उस समय पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि शाम तक इस मामले में ठोस रिपोर्ट दी जाएगी और दोषियों की पहचान कर ली जाएगी। हालांकि, प्रशासन का यह दावा उस समय खोखला साबित हुआ जब आज सुबह फिर से उसी स्थान पर करीब 10 से 12 और गौ-वंश के अवशेष पाए गए। अपराधियों के इस बेखौफ रवैये ने लोगों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का खौफ अपराधियों के मन से पूरी तरह खत्म हो चुका है, तभी उन्होंने लगातार दूसरी रात उसी वारदात को अंजाम दिया।
जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों में भारी रोष देखा गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि एक तरफ पूरा देश और हिंदू समाज चैत्र नवरात्र के पावन पर्व पर मां दुर्गा और शक्ति की उपासना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गौ-माता की इस तरह निर्मम हत्या की जा रही है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है, बल्कि प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक बड़ा तमाचा है। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करने की मांग की जो भविष्य के लिए मिसाल बने।
विरोध प्रदर्शन के दौरान “गौ-हत्या बंद करो” और “अपराधियों को फांसी दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूँज उठा। गौ-रक्षक दल के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन केवल झूठे आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब वे अपनी आवाज उठाते हैं, तो पुलिस उन पर ही मामला दर्ज करने की धमकी देती है, लेकिन जो लोग गौ-वंश का कत्लेआम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। गौ-रक्षकों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और सख्त सजा का प्रावधान नहीं किया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मौके पर पहुँचे पुलिस अधिकारियों, जिनमें डीएसपी और एसएचओ शामिल थे, ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया। डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं और इस घटना से उन्हें भी उतनी ही तकलीफ है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि अब सिविल ड्रेस में भी मुलाजिमों को तैनात किया जाएगा और नहर के आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और वे इसे सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस के इन दावों से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका तर्क था कि यदि पुलिस रात के समय गश्त कर रही होती, तो लगातार दूसरी बार इस तरह की घटना नहीं घटती। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जब तक जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) या स्थानीय विधायक मौके पर नहीं पहुँचते और ठोस समय-सीमा के भीतर कार्रवाई का भरोसा नहीं देते, वे जाम नहीं खोलेंगे। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर ट्रकों और बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फिलहाल, इंद्री में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता का दौर जारी है। इस घटना ने एक बार फिर हरियाणा में गौ-वंश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए, तो यह आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
Ground Report By Mukul Satija