- असंध से कोहंड तक करीब 37.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए का टेंडर पहले हो चुका जारी
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : जिले के असंध से कोहंड तक जाने वाली सड़क की खस्ता हालत आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़क की जर्जर स्थिति पर नाराजगी जताते हुए लोक निर्माण विभाग के दो जूनियर इंजीनियर दिनेश कुमार और राजेंद्र अरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सड़क निर्माण का टेंडर जारी होने के बावजूद मौके पर काम शुरू नहीं किया गया था। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार देर शाम सफीदों में एक रैली को संबोधित करने के बाद असंध के गांव सालवन से होते हुए आगे जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने असंध-कोहंड मार्ग की बदहाल स्थिति को करीब से देखा। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे थे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति देखकर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्य में देरी और लापरवाही सामने से कार्रवाई की गई
असंध लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सलिंदर भाटिया ने बताया कि असंध से कोहंड तक करीब 37.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद कार्य में देरी और लापरवाही सामने आई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने कुछ दिन पहले कोहंड की ओर से काम शुरू किया था, लेकिन असंध साइड पर स्थिति बेहद खराब बनी हुई थी। ग्रामीण कर चुके प्रदर्शन, फिर भी शुरू नहीं किया था काम इस सड़क की हालत को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से आक्रोश था।
स्थानीय लोग कई बार प्रदर्शन कर चुके थे
स्थानीय लोग कई बार प्रदर्शन कर चुके थे और प्रशासन से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे थे। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती रहीं। हालांकि, मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद हालात बदलते नजर आ रहे हैं। सस्पेंशन की कार्रवाई के अगले ही दिन सुबह सड़क पर गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते काम शुरू हो जाता तो इतनी परेशानी नहीं होती
प्रशासन अब तेजी से सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की बात कह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते काम शुरू हो जाता तो इतनी परेशानी नहीं होती। फिलहाल, लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई के बाद सड़क का निर्माण कार्य अब तेजी से पूरा होगा और उन्हें लंबे समय से झेल रही दिक्कतों से राहत मिलेगी।