हरियाणा के करनाल में एक विवाह समारोह उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब आसमान से उतरते एक हेलीकॉप्टर ने पूरे शहर और विशेष रूप से इंद्री रोड स्थित बलड़ी गांव के निवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मौका था अंबाला के पंजोखड़ा साहिब से आई एक अनोखी बारात का, जहां दूल्हा अपनी दुल्हनिया को लेने के लिए पारंपरिक वाहनों के बजाय आसमान के रास्ते हेलीकॉप्टर से पहुंचा। करनाल के प्रीत पैराडाइज बैंककेट हॉल में आयोजित इस भव्य समारोह ने शाही शादियों के एक नए मानक को परिभाषित किया है।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे दूल्हे प्रशांत, जो पेशे से एक वकील (लॉयर) हैं, उन्होंने बताया कि यह उनके पिता की एक पुरानी और बेहद खास ख्वाहिश थी। उनके पिता, जिन्हें इलाके में शंकर प्रॉपर्टी डीलर के नाम से जाना जाता है, का यह सपना था कि जब भी उनके बेटे की शादी हो, तो बारात हेलीकॉप्टर से जाए और घर में बहू का प्रवेश भी आसमान के रास्ते हो। अपने पिता के इसी सपने को सम्मान देने के लिए प्रशांत ने इस विशेष यात्रा की योजना बनाई। अंबाला के पंजोखड़ा साहिब से उड़ान भरते समय पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल था और भारी संख्या में ग्रामीण इस पल के गवाह बनने के लिए उमड़ पड़े थे।
जैसे ही हेलीकॉप्टर ने करनाल के विवाह स्थल पर लैंडिंग की, वहां का नजारा देखते ही बनता था। वधू पक्ष की ओर से दूल्हे के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। हेलीकॉप्टर के उतरने वाले स्थान से लेकर मुख्य द्वार तक एक भव्य ‘रेड कारपेट’ बिछाया गया था। दूल्हे की सालियों ने फूलों की वर्षा कर और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने जीजा का गर्मजोशी से स्वागत किया। दूल्हे के साथ उनके परिवार के सदस्य, बहनें, भांजे और अन्य करीबी रिश्तेदार भी इस ऐतिहासिक उड़ान का हिस्सा बने।
समारोह में मौजूद दूल्हे के जीजा ने बताया कि यह जश्न पिछले आठ दिनों से चल रहा है और हेलीकॉप्टर के आने से परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि वाहेगुरु की कृपा से आज वे अपने ससुर जी का वर्षों पुराना सपना पूरा कर पाए हैं। दूल्हे की भांजी और अन्य बच्चों में भी इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। शादी की रस्मों के बाद, अगले दिन सुबह लगभग 7:30 बजे फेरे संपन्न होने के उपरांत, यह जोड़ा इसी हेलीकॉप्टर से डोली लेकर वापस अंबाला के लिए प्रस्थान करेगा।
इस अनोखी बारात को देखने के लिए बैंककेट हॉल के आसपास के ग्रामीण और बलड़ी गांव के लोग अपने घरों की छतों पर जमा हो गए। दूल्हे के आगमन के बाद हेलीकॉप्टर के साथ फोटो खिंचवाने और इस लम्हे को सोशल मीडिया पर साझा करने की होड़ सी मच गई। वधू पक्ष के लोगों ने कहा कि वे अपनी बेटी की विदाई को लेकर थोड़े भावुक जरूर हैं, लेकिन उसे इतनी धूमधाम और शाही अंदाज में विदा होते देख उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। यह आयोजन न केवल दो परिवारों के मिलन का उत्सव रहा, बल्कि एक बेटे द्वारा अपने पिता के अरमानों को पूरा करने की एक खूबसूरत मिसाल भी बन गया।