हरियाणा के करनाल में एक विवाह समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया जब विवाह स्थल के आसमान में गूंजते हेलीकॉप्टर की आवाज़ ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। करनाल के इंद्री रोड स्थित एक मैरिज पैलेस, प्रीत पैराडाइज में बारात किसी लग्जरी गाड़ी या पारंपरिक घोड़े पर नहीं, बल्कि आसमान के रास्ते हेलीकॉप्टर से पहुंची। अंबाला से आए दूल्हे ने अपने पिता के उस पुराने सपने को साकार किया, जिसमें वे चाहते थे कि उनकी बहू का स्वागत उनके गांव में एक भव्य तरीके से हेलीकॉप्टर के जरिए हो।
जैसे ही हेलीकॉप्टर ने मैरिज पैलेस के प्रांगण में सुरक्षित लैंडिंग की, धूल का गुबार और उत्साह का माहौल एक साथ देखने को मिला। दूल्हे के स्वागत के लिए वधू पक्ष की ओर से रेड कारपेट बिछाया गया था। यह दृश्य इतना अद्भुत था कि विवाह समारोह में काम करने वाले हलवाई, वेटर और अन्य स्टाफ भी अपना काम छोड़ इस पल के गवाह बनने के लिए दौड़ पड़े। हर कोई अपने मोबाइल में इस शाही एंट्री को कैद करने के लिए आतुर दिखा।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन और आयोजकों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। लैंडिंग स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी और एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर मौजूद रही। पैलेस के प्रबंधन ने बताया कि दूल्हे की सुरक्षित लैंडिंग के लिए सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया और प्रशासन से आवश्यक अनुमतियां पहले ही ले ली गई थीं। दूल्हे के साथ उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी हेलीकॉप्टर में मौजूद थे।
वधू पक्ष की सालियों और रिश्तेदारों में खासा उत्साह देखा गया। दूल्हे की सालियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है कि उनके जीजू उनकी बहन को लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आए हैं। उन्होंने बताया कि अब उनकी बहन की विदाई भी इसी हेलीकॉप्टर के जरिए होगी, जो शहर में पहली बार किसी करीबी रिश्तेदार की शादी में देखने को मिल रहा है। विदाई का समय सुबह निर्धारित किया गया है, जिसके लिए हेलीकॉप्टर रात भर मैरिज पैलेस में ही सुरक्षित पहरे के बीच रहेगा।
इस शाही बारात के आगमन पर मैरिज पैलेस के बाहर जमकर आतिशबाजी भी की गई। बारात के अंबाला से प्रस्थान करने से लेकर करनाल में उतरने तक की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई। दूल्हे के पिता ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हर पिता का सपना होता है कि वह अपने बच्चों की शादी यादगार बनाए और आज बहू को लेने के लिए इस तरह का इंतजाम करना उनके लिए भावुक क्षण है। शादी की रस्मों के बाद, सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच नवविवाहित जोड़ा इसी हेलीकॉप्टर से अंबाला के लिए उड़ान भरेगा। आधुनिक समय में युवाओं के बीच अपनी शादी को खास बनाने का जो नया चलन शुरू हुआ है, यह आयोजन उसी की एक मिसाल बनकर उभरा है।