करनाल जिले के गांव हसनपुर में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार को गहरे मातम में डुबो दिया है। एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से 45 वर्षीय व्यक्ति, जिसकी पहचान रविंद्र के रूप में हुई है, की मौत हो गई। यह दुर्घटना सोमवार शाम को उस समय हुई जब रविंद्र अपने गांव के पास ही हसनपुर-रसीन मार्ग पर पैदल टहलने के लिए निकले थे। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुआ। रविंद्र जब सड़क के किनारे पैदल जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन (संभवतः पिकअप या बोलेरो) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रविंद्र के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत पास के घरौंडा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में शुरुआती पट्टी और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और वे रात को वापस अपने घर लौट आए। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। रात को सोने के बाद जब सुबह हुई, तो रविंद्र ने दम तोड़ दिया था। सुबह जब वे नहीं उठे, तो परिजनों को अनहोनी का अहसास हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
रविंद्र के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। वह अपने घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे और दिहाड़ी-मजदूरी व ड्राइवरी करके जैसे-तैसे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके पीछे उनकी पत्नी, उनकी वृद्ध मां और दो मासूम बच्चे रह गए हैं। परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे अभी बहुत छोटे हैं, जिनमें से एक चौथी और दूसरा पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी और अब पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिवार के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस जांच अधिकारी कृष्ण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मर्चरी हाउस में रखवाया है। जांच अधिकारी ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, उसके आसपास स्थित फैक्ट्रियों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है ताकि उस अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष और दुख है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित गरीब परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि मासूम बच्चों की परवरिश में बाधा न आए। फिलहाल, पुलिस आगामी कानूनी कार्रवाई में जुटी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही लापरवाही पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।