होली पर्व पर शहर की शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए करनाल पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आई। त्यौहार की आड़ में हुड़दंग करने वाले तत्वों और नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने एक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व एसएचओ रामलाल ने किया, जिन्होंने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर मोर्चा संभाला। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि त्यौहार का आनंद किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था के कारण फीका न पड़े।
अभियान के दौरान पुलिस के निशाने पर विशेष रूप से वे वाहन थे जिनमें काले शीशे लगे थे या जो बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे थे। चेकिंग के दौरान ऐसी कई गाड़ियाँ पकड़ी गईं जिनके आगे और पीछे, दोनों तरफ की नंबर प्लेट्स गायब थीं। पुलिस ने इन वाहन स्वामियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि त्यौहार के नाम पर कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गाड़ियों को तुरंत कब्जे में लेकर जरूरी कार्रवाई शुरू की गई। साथ ही, जिन गाड़ियों के शीशों पर ‘जेड ब्लैक’ फिल्में या काली जालियां लगी थीं, उन्हें मौके पर ही उतरवाकर फेंक दिया गया।
एसएचओ रामलाल ने युवाओं और उनके अभिभावकों को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि होली प्यार और सद्भाव का त्यौहार है, न कि हुड़दंगबाजी का। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर नज़र रखें। यदि बच्चे बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों या काले शीशे वाले वाहनों में हुड़दंग करते पाए गए, तो न केवल गाड़ियाँ ‘इपाउंड’ (जब्त) की जाएंगी, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी। पुलिस ने युवाओं को समझाते हुए कहा कि वे सभ्य तरीके से त्यौहार मनाएं और सड़कों पर दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बनें।
सड़कों पर वाहनों के अलावा, पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर हो रहे अन्य उल्लंघनों पर भी ध्यान दिया। सेक्टर-12 और मुख्य सड़कों के किनारे खुले में मांस और चिकन बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने ऐसी दुकानों को तुरंत बंद कराया और विक्रेताओं को हिदायत दी कि वे इस तरह खुले में सार्वजनिक स्थलों पर बिक्री न करें। एसएचओ ने विक्रेताओं को समझाते हुए कहा कि त्यौहार के दिन ऐसी गतिविधियों से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए वे मर्यादाओं का पालन करें और शांति बनाए रखें।
ट्रैक्टरों और खुली गाड़ियों में लाउडस्पीकर लगाकर तेज आवाज में गाने बजाने वाले टोलियों को भी पुलिस ने आड़े हाथों लिया। ट्रैक्टरों पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और तेज संगीत के साथ हुड़दंग करने वालों को रोककर उनके म्यूजिक सिस्टम बंद कराए गए। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी कि वे अपने घरों या मोहल्लों में त्यौहार मनाएं, लेकिन सड़कों को ब्लॉक न करें और न ही शोर-शराबे से आम जनता या अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशान करें।
हालांकि पुलिस का रवैया सख्त था, लेकिन त्यौहार की गरिमा को देखते हुए कई मौकों पर मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया गया। छोटे-मोटे उल्लंघनों पर पुलिस ने केवल चेतावनी देकर और नियम समझाकर युवाओं को छोड़ दिया। एसएचओ रामलाल ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि वे आज के दिन चालान काटकर किसी का त्यौहार खराब नहीं करना चाहते, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ भी मंजूर नहीं है। पुलिस की इस सक्रियता से शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही, जिससे आम नागरिकों ने राहत की सांस ली।