- CM नायब सैनी के साथ पहुंचे विधानसभा
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी कैंडिडेट संजय भाटिया ने अपना नामांकन भर दिया है। उनके साथ सीएम नायब सैनी भी रहे। उधर, कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। यह उनका पहला चुनाव होगा। उन्होंने भी विधानसभा भवन पहुंचकर अपना नामांकन कर दिया है। उनके साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सहित कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद रहे।
इससे पहले कांग्रेस ऑफिस में कर्मवीर बौद्ध ने नामांकन पत्र भरा। उनके साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि हरियाणा के एक सीनियर आईएएस उन्हें पार्टी हाईकमान तक पहुंचाया।
उधर, दोपहर को चर्चा शुरू हुई कि सतीश नांदल राज्यसभा के लिए तीसरे उम्मीदवार हो सकते हैं। सतीश नांदल को सभी काम छोड़ तुरन्त प्रभाव से चंडीगढ़ बुलाया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह से निवास पर उनसकी मुलाकात हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, तीश आज सबसे बाद में तीसरे और अंतिम प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर सकते हैं। भाजपा के रणनीतिकार उनके नामांकन के लिए भी जरूरी कागजात तैयार करने में जुटी है।
अब भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के बारे में जानिए….
कॉलेज टाइम में ABVP से जुड़े
संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की थी। कॉलेज के समय से ही वे बीजेपी की छात्र शाखा ABVP से जुड़े रहे। 1987 में वे मंडल सेक्रेटरी बने और 1989 में ABVP के जिला महासचिव बने। 1998 में उन्हें BJP युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया।
2019 में जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा
वह हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह करनाल से सांसद बने। भाटिया की जीत का अंतर वोटों के लिहाज से देश में दूसरे नंबर पर रहा था। उन्हें 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। उन्हें 9 लाख 11 हजार 594 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से हराया। तब गुजरात के नवसारी से भाजपा के सीआर पाटिल की जीत सबसे बड़ी थी। वह 6,89,668 वोटों के अंतर से जीते थे।
टिकट कटने के बाद से संगठन में सक्रिय
2024 में अचानक मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को दे दिया। इसके बाद संजय भाटिया को विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़वाया गया। इसके बाद से वह संगठन में सक्रिय थे।