करनाल में हरियाणा रोडवेज और निजी बसों की मनमानी छात्रों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। विशेष रूप से सेक्टर-6 स्थित पंडित चिरंजी लाल गवर्नमेंट कॉलेज के छात्रों को बस पकड़ने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। छात्रों का आरोप है कि निर्धारित स्टॉपेज और रेड लाइट पर बसें नहीं रुकती हैं, जिसके कारण उन्हें चलती बस के पीछे भागना पड़ता है। इस आपाधापी में अब तक कई छात्र-छात्राएं सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन परिवहन विभाग इस समस्या पर आंखें मूंद कर बैठा है।
कॉलेज की छुट्टी के समय सेक्टर-6 की रेड लाइट और उसके आसपास छात्रों का भारी जमावड़ा रहता है। छात्रों का कहना है कि पानीपत, दिल्ली और कैथल की ओर जाने वाली बसें रेड लाइट पर रुकने के बावजूद छात्रों को चढ़ने का मौका नहीं देतीं। जैसे ही लाइट ग्रीन होती है, चालक तेज रफ्तार में बस निकाल लेते हैं। वहीं, रेड लाइट क्रॉस करने के बाद ब्रह्मानंद चौक के पास जो आधिकारिक बस स्टॉपेज और शेल्टर बनाए गए हैं, वहां बसें रुकना तो दूर, छात्रों को खड़ा देखकर चालक खिड़की और दरवाजे तक बंद कर लेते हैं।
छात्राओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनके पास रोडवेज की बसों के मंथली पास बने हुए हैं, लेकिन कंडक्टर उन्हें बस में घुसने नहीं देते। कई बार बस के दरवाजे जानबूझकर बंद कर लिए जाते हैं ताकि पास धारक छात्र न चढ़ सकें। छात्राओं का कहना है कि परीक्षाओं के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। समय पर बस न मिलने के कारण वे परीक्षा केंद्रों तक देरी से पहुंचती हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी बसें तो फिर भी रुक जाती हैं, लेकिन सरकारी रोडवेज की बसें छात्रों को देखकर और भी रफ्तार बढ़ा देती हैं।
इस समस्या के कारण अब तक कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। एक छात्र ने बताया कि बस में चढ़ने की जद्दोजहद में उसकी बाजू टूटते-टूटते बची है। वहीं, कई छात्राओं को बस से गिरने के कारण गंभीर चोटें आई हैं। छात्रों का कहना है कि जब एक बस नहीं रुकती, तो सैकड़ों छात्र अगली बस में चढ़ने के लिए पागलों की तरह टूट पड़ते हैं, जिससे भीड़ अनियंत्रित हो जाती है और हादसे की संभावना बढ़ जाती है।
छात्रों ने शासन-प्रशासन और हरियाणा रोडवेज के जीएम को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बसों का ठहराव निर्धारित स्थानों पर सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि वे अपनी शिकायतें बस स्टैंड के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब छात्रों ने साफ कर दिया है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो वे डीसी और स्थानीय विधायकों के पास जाएंगे और अंततः चक्का जाम कर सड़क पर बैठने को विवश होंगे। छात्रों की बस इतनी सी मांग है कि रोडवेज की बसें समय पर और सही स्टॉपेज पर रुकें ताकि उन्हें इस तरह अपनी जान खतरे में न डालनी पड़े।