करनाल जिले में अपराध के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो रिश्तों की पवित्रता को ढाल बनाकर लोगों की मेहनत की कमाई और भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा था। झुंडला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसी तीन शातिर महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो ‘लुटेरी दुल्हन’ बनकर भोले-भाले पुरुषों को अपना निशाना बनाती थीं। ये महिलाएं पहले व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाती थीं, फिर उनके साथ फर्जी तरीके से शादी रचाती थीं और अवसर मिलते ही घर का सारा कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो जाती थीं।
जांच में यह बात सामने आई है कि इन महिलाओं का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये महिलाएं फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों का सहारा लेती थीं ताकि पकड़े जाने पर उनकी पहचान न हो सके। शादी के बाद ये महिलाएं दूल्हे के घर पर मात्र एक या दो दिन ही रुकती थीं। इस दौरान वे परिवार का विश्वास जीतती थीं और जैसे ही उन्हें मौका मिलता, वे घर में रखे जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थीं। पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इनमें से एक महिला के खिलाफ पहले भी इस तरह के कई मामले दर्ज हैं और उसने कई बार इसी तरह फर्जी शादियां कर लोगों को चूना लगाया है।
गिरफ्तार की गई तीनों महिलाएं करनाल की ही रहने वाली बताई जा रही हैं, जिनमें से एक रामनगर, दूसरी शिव कॉलोनी और तीसरी शास्त्री नगर की निवासी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर इनका मेडिकल परीक्षण करवाया है। जांच अधिकारी ने बताया कि इन महिलाओं के पास से चोरी किए गए जेवरात, जिनमें मंगलसूत्र, अंगूठी और अन्य गहने शामिल हैं, बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा इनके पास से कुछ नकदी भी मिली है जो इन्होंने लूट के जरिए हासिल की थी।
पुलिस को संदेह है कि यह केवल इन तीन महिलाओं तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। यह गिरोह संभवतः उन पुरुषों को ढूंढता है जिनकी शादी नहीं हो रही होती या जो किसी कारणवश अकेले होते हैं। शादी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने और फिर गहने लेकर भागने का यह खेल काफी समय से चल रहा था। पुलिस अब उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है जो इन महिलाओं को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराने और शिकार ढूंढने में मदद करता था।
यह मामला समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है कि शादी जैसे संवेदनशील फैसलों में पूरी तरह से जांच-पड़ताल करना कितना आवश्यक है। बाहरी दिखावे और जल्दबाजी में किए गए रिश्तों के परिणाम कितने घातक हो सकते हैं, यह घटना उसका जीता-जागता उदाहरण है। फिलहाल, पुलिस इन महिलाओं से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कुल कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।