February 26, 2026
26 Feb 16

हरियाणा में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच करनाल-इंद्री मार्ग की जमीनी हकीकत डराने वाली है। यह सड़क अब केवल आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि एक ‘डेथ ट्रैप’ यानी जानलेवा मार्ग में तब्दील हो चुकी है। विशेष रूप से समोरा गांव के आसपास सड़क की स्थिति इतनी जर्जर है कि वहां से गुजरना मौत से खेलने के समान है। सीएम सिटी के बिल्कुल नजदीक होने के बावजूद इस मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

समोरा गांव के पास सड़क की चौड़ाई और उसकी बनावट में इतना अंतर आ चुका है कि सफेद पट्टी के बाहर का हिस्सा पूरी तरह उखड़ चुका है और वहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। सड़क कहीं से ऊंची है तो कहीं से डेढ़-दो फुट तक नीचे धंसी हुई है। स्थानीय लोगों और वहां दुकान चलाने वाले नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने अनगिनत हादसे होते देखे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना कोई न कोई बाइक सवार यहां गिरता है या भारी वाहन असंतुलित होकर पलट जाते हैं। कई बार तो इन हादसों में पूरे के पूरे परिवार खत्म हो गए हैं, लेकिन प्रशासन की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही।

स्थानीय निवासियों का दर्द इस बात को लेकर और बढ़ जाता है कि यह मार्ग केवल आम जनता के लिए नहीं, बल्कि राजनेताओं और वीआईपी लोगों के लिए भी मुख्य रास्ता है। समोरा गांव से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर मुख्यमंत्री का कार्यक्षेत्र शुरू हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जब बड़े नेता अपनी लग्जरी गाड़ियों में यहां से गुजरते हैं, तो उन्हें ये झटके महसूस नहीं होते? क्या उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है कि उन्हें सड़क पर पड़े ये गहरे गड्ढे और धूल के गुबार नजर नहीं आते? चुनावों के समय विकास के नाम पर वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधि अब इस जानलेवा सड़क पर चुप्पी साधे हुए हैं।

सड़क की खस्ताहाली का आलम यह है कि यहां से गुजरने वाले डंपर, बसें और अन्य भारी वाहन जब सड़क के ऊबड़-खाबड़ हिस्से पर आते हैं, तो वे बुरी तरह डगमगाने लगते हैं। बाइक सवारों के लिए तो यह रास्ता किसी दुःस्वप्न जैसा है। हल्की सी चूक या असंतुलन जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों का आरोप है कि करीब 10 साल पहले यह सड़क बनी थी, लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही यह टूटने लगी थी। तब से लेकर आज तक इसकी मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की गई है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण बारिश के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

विकास के नाम पर दिए जाने वाले भाषणों और विज्ञापनों के बीच करनाल-इंद्री रोड की यह तस्वीर व्यवस्था की पोल खोलती है। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे अब इन झूठे आश्वासनों से थक चुके हैं। उनका कहना है कि अगर सीएम सिटी के इतने नजदीक विकास की यह हालत है, तो प्रदेश के दूरदराज के इलाकों की कल्पना करना भी मुश्किल है। नागरिकों ने सरकार और स्थानीय विधायक से पुरजोर अपील की है कि राजनीति से ऊपर उठकर इस मार्ग का पुनर्निर्माण कराया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि और मासूमों की जान न जाए। जब तक सड़कों की बुनियादी स्थिति नहीं सुधरेगी, तब तक विकास के दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

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