करनाल: दानवीर राजा कर्ण की नगरी करनाल अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने वाली है। नगर निगम की विशेष पहल के तहत शहर के सौंदर्यीकरण अभियान को एक नई दिशा दी गई है, जहाँ बलड़ी बाईपास स्थित फ्लाईओवर की दीवारों पर राजा कर्ण के संपूर्ण जीवन काल को खूबसूरत पेंटिंग्स के जरिए उकेरा जा रहा है। चंडीगढ़ की ओर से शहर में प्रवेश करते ही गीता द्वार के समीप यात्रियों का स्वागत अब इन रंग-बिरंगी और ऐतिहासिक कलाकृतियों से होगा।
इस कलात्मक अभियान की शुरुआत लगभग 15 दिन पहले हुई थी। कलाकारों की एक सात सदस्यीय टीम सुबह 7:00 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक कड़ी मेहनत कर इन दीवारों को जीवंत बना रही है। इन पेंटिंग्स का मुख्य उद्देश्य न केवल शहर को सुंदर बनाना है, बल्कि नई पीढ़ी को करनाल के समृद्ध इतिहास और राजा कर्ण के व्यक्तित्व से परिचित कराना भी है। पेंटिंग्स की श्रृंखला में राजा कर्ण के बचपन, उनके माता-पिता के साथ मधुर क्षणों और उनके एक महान योद्धा के रूप में तैयार होने की कहानियों को सिलसिलेवार ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
पेंटिंग बना रहे अनुभवी कलाकारों का कहना है कि वे पिछले 25 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि वे अपने हुनर से शहर को एक नई पहचान दे रहे हैं। कलाकारों के अनुसार, एक बड़ी पेंटिंग को तैयार करने में लगभग 5 से 6 दिन का समय लगता है। राहगीर और स्थानीय निवासी भी इन कलाकृतियों को देखकर रुकते हैं और कलाकारों के जज्बे की सराहना करते हैं।
आने वाले पांच से छह महीनों में पूरे फ्लाईओवर को इसी तरह की ऐतिहासिक कहानियों और प्रेरक चित्रों से ढकने की योजना है। इस पहल से करनाल की एंट्री न केवल आकर्षक लगेगी, बल्कि यह बाहरी शहरों से आने वाले लोगों पर भी एक गहरा प्रभाव छोड़ेगी। कलाकारों का मानना है कि उनकी मेहनत का सबसे बड़ा पुरस्कार जनता की प्रशंसा है। शहर के इस नए कलेवर ने न केवल सौंदर्य को बढ़ाया है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी काम किया है।