करनाल: हरियाणा के कुंजपुरा क्षेत्र में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने घरों से इकट्ठा किया गया सारा कूड़ा गांव के मुख्य चौक के बीचों-बीच डाल दिया। पिछले 7 महीनों से वेतन न मिलने के कारण इन कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने हाथों में झाड़ू लेकर न केवल रोष प्रदर्शन किया, बल्कि सड़क जाम कर आवाजाही भी पूरी तरह ठप कर दी।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उनके घरों की स्थिति दयनीय हो गई है। कई कर्मचारियों के घरों की बिजली कट चुकी है, बच्चों को स्कूल की फीस न भर पाने के कारण घर बैठना पड़ रहा है और अब दुकानदार भी उन्हें उधार राशन देने से मना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने भावुक होते हुए बताया कि 7 महीने से बिना वेतन के काम करने के बावजूद प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है।
इस समस्या की मुख्य जड़ कुंजपुरा में सरपंच का पद खाली होना बताया जा रहा है। पंचायत सदस्यों के अनुसार, सरपंच के न होने के कारण वित्तीय शक्तियां किसी के पास नहीं हैं, जिससे वेतन जारी करने में तकनीकी बाधा आ रही है। हालांकि कर्मचारियों ने इस संबंध में जिला उपायुक्त (DC) को लिखित ज्ञापन सौंपा और स्थानीय विधायक से भी मुलाकात की, लेकिन उन्हें केवल आश्वासनों के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर कचरा फैलने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर कर्मचारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपने पेंडिंग वेतन की मांग पर अड़े रहे। कर्मचारियों का आरोप है कि आसपास के अन्य गाँवों में वेतन समय पर मिल रहा है, लेकिन राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक ढिलाई के कारण केवल कुंजपुरा के कर्मचारियों को प्रताड़ित होना पड़ रहा है। प्रशासन से अपील की गई है कि मानवीय आधार पर जल्द से जल्द इन गरीब कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाए ताकि वे अपना गुजर-बसर कर सकें।